भिलंगना घाटी जल जंगल जमीन बचाओ संघर्ष समिति की उग्र आंदोलन की चेतावनी।

रिपोर्ट :- हर्षमनी उनियाल

भिलंगना नदी पर बन रहे पावर प्रोजेक्टों के खिलाफ लगातार क्षेत्रीय जनता में रोष व्याप्त है।

क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं आम जनमानस पावर प्रोजेक्ट के विरुद्ध लगातार पहले से ही मुखर होकर शासन प्रशासन  को हाईड्रो पावर प्रोजेक्ट के विरुद्ध पत्राचार से अपनी नाराज़गी दर्ज करवा चुका है ।

क्षेत्रीय जनता एवं जनप्रतिनिधियों ने इस संबंध में कई बार आम बैठक बुलाकर प्रोजक्ट के खिलाफ सरकार एवं प्रशासन को अवगत करवाया हैं तथा इस सन्दर्भ में क्षेत्रीय जनता एवं जनप्रतिनिधियों ने एक सीमित का गठन किया।  जिसके नेतृत्व में आने वाले समय में नदी पर बनने जा रहे हाईड्रो प्रोजेक्टों के खिलाफ आम जनता को हो रहे नुक्सान के विरुद्ध लडाई लडी जा रही है।

आज इसी सौन्दर्य में ” भिलंगना घाटी जल जंगल जमीन बचाओ संघर्ष समिति ” के पदाधिकारियों एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने उप जिलाधिकारी घनसाली के द्वारा जिलाधिकारी टि० ग० को ज्ञापन प्रेषित किया ।  समीति के अध्यक्ष भजन रावत ने कहा कि पावर प्रोजेक्ट पूरे प्रदेश के लिए विनाशकारी सिद्ध हो रहे हैं जिसका प्रत्यक्ष परिणाम प्रदेश को कही बार भीषण आपदाओं से मिला है।

साथ ही उन्होंने कहा कि एक ही नदी पर तीन से ज्यादा हाईड्रो पावर प्रोजेक्टों का बनना आने वाले समय में भीषण आपदाओं का संकेत है ।

क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं जनता का कहना है कि,हम किसी भी हल में ये विनाशकारी कारखाने नहीं बनने देंगे जो हमारे क्षेत्र ओर आने वाले भविष्य के लिए प्रलय कारी सिद्ध होंगे ।

ज्ञापन के माध्यम से समीति एवं जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि पावर प्रोजेक्टों के संदर्भित अगर कोई भी कार्य गतमीन है ये होने वाला हो तो तत्काल उस रोक लगाई जाये ,अन्यथा क्षेत्रीय जनता को बाध्य होकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा , एसी स्थिति में सम्पूर्ण जमेदारी शासन प्रशासन एवं संबंधित विभाग की रहेगी ।

इस अवसर पर समीति के अध्यक्ष  भजन रावत , प्रधान कु० लक्ष्मी , धनी शहा , महाजन रावत , बिजेंद्र सिंह , दीपक पैन्यूली , कुलवीर चांदपुरी , विजय , सोहन आर्य , अनुप राणा और जसवीर रोतेला ।

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