संविदा नर्सिंग कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर जताया विरोध। चरमरा सकती है स्वास्थ्य व्यवस्थाएं

उत्तराखंड कैबिनेट में संविदा नर्सिंग भर्ती वरिष्ठता के आधार पर करने का निर्णय कैबिनेट में लिया गया, इसके बावजूद अभी भी हजारों अभ्यर्थियों को नर्सिंग भर्ती का इंतजार करना पड़ रहा है।

हजारों अभ्यर्थियों की उम्र भी अब उस पड़ाव पर है जब वे निकट भविष्य में सरकारी भर्तियों के लिए आवेदन कर सकें। 

इसी क्रम में उत्तराखंड संविदा नर्सिंग कर्मचारी महासंघ ने कर्मचारियों के हितो के सापेक्ष आज पूरे प्रदेश में संविदा एवं बेरोजगार संघ द्वारा काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया।

आपको बता दें कि विगत 12 दिसंबर 2020 को स्टाफ नर्सेज के 2621 पदों पर भर्ती निकाली गई और भर्ती के लिए परीक्षा के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण किए जाने का निर्णय लिया गया।

 

लेकिन विगत कई वर्षों से विभाग में सेवाएं दे रहे नर्सिंग ऑफिसर्स द्वारा इसका विरोध किया गया, अंत में सरकार द्वारा 24 दिसम्बर 2021 को  स्वास्थ मंत्री धन सिंह रावत और मुख्यमंत्री द्वारा इस भर्ती को वर्षवार कराने का निर्णय लिया गया।

सवाल यह खड़ा होता है कि कैबिनेट के इस फैसले के बावजूद अब तक शासनादेश जारी क्यों नहीं किया गया है। जो सरकार की कार्यप्रणाली के समक्ष बड़ा सवाल खड़ा करता है कि आखिर सरकार स्वयं के कैबिनेट में लिए गए फैसले लागू करवाने में इतनी मशक्कत क्यों करनी पड़ रही है।

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