बड़ी खबर: आपदा के अंतर्गत निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी व निजी भूमि पर अवैध खनन किए जाने के आरोप

31/05, 5:34 pm] neeraj uttarakhandi: –आपदा के अंतर्गत निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी व निजी भूमि पर अवैध खनन किए जाने के आरोप पुरोला।30 मई 2023 जनपद उत्तरकाशी के विकास खण्ड मोरी के आपदा प्रभावित आराकोट बंगाण क्षेत्र में निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी का मामला प्रकाश में आने के बाद जिला अधिकारी […]

31/05, 5:34 pm] neeraj uttarakhandi: –आपदा के अंतर्गत निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी व निजी भूमि पर अवैध खनन किए जाने के आरोप

पुरोला।30 मई 2023
जनपद उत्तरकाशी के विकास खण्ड मोरी के आपदा प्रभावित आराकोट बंगाण क्षेत्र में निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी का मामला प्रकाश में आने के बाद जिला अधिकारी ने उप जिलाधिकारी पुरोला को मामले में जांच के आदेश दिए उप जिलाधिकारी देवानन्द शर्मा ने जांच पूरी कर जिला प्रशासन को भेज दी है। बावजूद इसके विभाग व ठेकेदार की मिलीभगत के चलते निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी बदस्तूर जारी है इतना यही नहीं ठेकेदारों के हौसले इतने बुलंद है कि वे अब भारी मशीनों से न केवल नदी का सीना चीर कर अवैध खनन कर रहे बल्कि कृषकों की निजी भूमि पर उनकी अनुमति के बगैर खुले आम बेखौफ़ अवैध करने पर उतारू है ।
सामाजिक कार्यकर्ता मनमोहन सिंह चौहान ने अवैध खनन करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध मोर्चा खोला कर मामले में शासन प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है ।
उनका कहना है कि ग्रामवासियों की नाम भूमि पर बिना भूमि स्वामी की अनुमति के निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों द्वारा खुलेआम बेखौफ़ अवैध खनन किया जा रहा है । ग्रामवासियों की ज़मीनों पर जेसीबी मशीन से बड़े बड़े गड्ढे बना कर भारी मात्रा में रेता व पत्थर निकाला जा रहा है ।
उन्होंने शासन प्रशासन से से पूछा है क्या शासन/ प्रशासन द्वारा खनन की अनुमति दी गई है यदि अनुमति दी गईं हैं तो अनुमति पत्र क्षेत्रवासियों के समक्ष प्रस्तुत कर
2- क्या शासन/ प्रशासन द्वारा नदियों में JCB एवं अन्य बड़ी-बड़ी मशीनों को नदी में उतार कर खनन करने की अनुमति दी गई है?
3- क्या शासन/प्रशासन द्वारा मशीनों के माध्यम से नदी की जलधारा को मनमर्जी से परिवर्तित करने की अनुमत
और यदि अनुमति नही दी गई है तो आजतक इन पर कानूनी कार्यवाही क्यों नही की गई।
इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियन्ता पन्नी लाल का कहना है बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जायेगा । कार्य की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है और समय-समय पर विभाग द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है।।उपजिला अधिकारी भी कार्य की गुणवत्ता की जांच कर चुके हैं जिसमें कोई कमी नहीं पाई गई है। उन्हीं किसानों की कृषि भूमि पर अवैध खनन से उनका कोई लेना-देना नहीं है। विभाग द्वारा किसानों की कृषि भूमि को बचाने के लिए ही बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य करवाये जा रहे हैं ।

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