खबर का असर : राजकीय महाविद्यालय के निर्माण कार्यों में मनको की अनदेखी। अब हुए जांच के आदेश

नीरज उत्तराखंडी

 पुरोला ।30 दिसंबर 2023

मोरी  ब्लाक में 16 लाख रूपये की लागत से राजकीय महाविद्यालय के टीन शेड निर्माण में कार्यदायी विभाग एवं ठेकेदार द्वारा आपसी मिली भगत के चलते निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी मनमानी व लापरवाही कर छेदनुमा पुरानी चादरें /टीन का उपयोग करने का मामला प्रकाश में आने के बाद  मुख्यमंत्री पोर्टल व प्रशासन से  शिकायत करने पर कोई कार्रवाई न होने की खबर को पर्वतजन में प्रमुखता से छापने के बाद प्रशासन ने खबर का संज्ञान लिया और मामले की जांच के लिए संयुक्त टीम गठित कर दी ।

बताते चलें कि मोरी ब्लाक में राजकीय महाविद्यालय तो खोला गया लेकिन ढांचागत सुविधाओं के अभाव में व्यवस्था के तौर पर ट्राइसेम के टीन शेड निर्मित भवनों में कक्षाएं संचालित की जा  रही है। इस बीच शिक्षक  अभिभावक समिति  की मांग पर सतलुज जलविद्युत निगम ने आर आर फंड के अंतर्गत एक अतिरिक्त कक्ष टीन शेड  निर्माण के लिए 16 .45  लाख की धनराशि प्रशासन को प्रदान की।

 अतिरिक्त कक्ष निर्माण का अनुबंध अवस्थापन खण्ड उत्तर काशी के ठेकेदार के नाम हुआ । ठेकेदार ने निर्माण कार्य में निर्धारित माप  व मानकों की अनदेखी कर असंख्य छेदनुमा  टीन /चादर का उपयोग कर  शेड का निर्माण किया। सामाजिक कार्यकर्ता विपिन चौहान ने  मामले की मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की लेकिन उनका पक्ष  सुने बिना ही मामले का निस्तारण कर दिया गया। लेकिन विभाग व ठेकेदार के कानों में जूं तक नहीं रेंगी । विद्यालय के प्राचार्य, अभिभावकों व छात्र  छात्राओं द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया लेकिन को सुध नहीं ली गई । 27 दिसंबर को पीटीए अध्यक्ष  जयचंद रावत ने उप जिला अधिकारी से मामले की शिकायत कर ज्ञापन देकर मामले की जांच की मांग की   । 

आप के लोक प्रिय न्यूज पोर्टल पर्वत जन ने खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया । और खबर का व्यापक असर हुआ। 

उप जिला अधिकारी देवानंद शर्मा ने मामले का संज्ञान ले कर तहसीलदार के नेतृत्व में संयुक्त जांच टीम गठित कर एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट भेजने का आदेश जारी किया ।  

उप जिला अधिकारी देवानंद शर्मा ने मामले की शिकायत के बाद  संयुक्त जांच हेतु तहसीलदार मोरी एवं लोक निर्माण विभाग के  अधिशासी अभियंता द्वारा नामित सहायक   अभियंता  की दो सदस्य  समिति गठित कर समिति को एक सप्ताह के भीतर जांच  रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए ।

अब देखना यह दिलचस्प होगा की जांच टीम कितनी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता से काम करती है।

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