एसबीएस यूनिवर्सिटी में रैगिंग विरोधी सप्ताह की शुरुआत। जीरो टॉलरेंस नीति पर सख्ती

देहरादून – सरदार भगवान सिंह (एसबीएस) विश्वविद्यालय ने रैगिंग मुक्त और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण बनाने की प्रतिबद्धता के साथ रैगिंग विरोधी सप्ताह की शुरुआत की। इस अवसर पर एंटी-रैगिंग दिवस मनाया गया और एक सप्ताह तक चलने वाले जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. ए.एस. उनियाल, संयुक्त निदेशक, उच्च शिक्षा, उत्तराखंड उपस्थित रहे।

कुलपति प्रो. (डॉ.) जे. कुमार ने स्वागत भाषण में कहा कि रैगिंग कोई परंपरा नहीं, बल्कि एक अपराध है जो छात्रों के सपनों को तोड़ देता है और जीवन को बर्बाद कर देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसबीएस विश्वविद्यालय में रैगिंग के किसी भी मामले पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय एक परिवार जैसा माहौल देने के लिए समर्पित है, जहां हर छात्र सुरक्षित, सम्मानित और सफलता के लिए सशक्त महसूस करे।

सप्ताहभर चलेंगी जागरूकता गतिविधियां
एंटी-रैगिंग सेल के संयोजक डॉ. अरुण महतो ने बताया कि जागरूकता अभियान के तहत व्याख्यान, कार्यशालाएं, नाटक और पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे छात्रों को रैगिंग के मनोवैज्ञानिक और कानूनी परिणामों के बारे में जागरूक किया जाएगा।

मुख्य अतिथि ने सराहा प्रयास
डॉ. उनियाल ने एसबीएस विश्वविद्यालय के प्रयासों को राज्य की जीरो-टॉलरेंस नीति के अनुरूप बताया। उन्होंने छात्रों से सकारात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की। साथ ही, किसी भी रैगिंग की घटना को, चाहे वह छोटी हो या बड़ी, तुरंत एंटी-रैगिंग कमेटी को रिपोर्ट करने की सलाह दी।

कार्यक्रम का समापन रैगिंग विरोधी शपथ और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसमें विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य और एनसीसी कैडेट शामिल रहे। यह अभियान एसबीएस विश्वविद्यालय की छात्र कल्याण और सम्मान की रक्षा की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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