देहरादून, 23 अगस्त 2025 :उत्तराखंड में वन भूमि पर अतिक्रमण और भ्रष्टाचार के मामलों ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। भारतीय वन सेवा (IFS) के वरिष्ठ अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने मसूरी वन प्रभाग में गंभीर अनियमितताओं और अवैध कब्जों के आरोप लगाते हुए प्रमुख वन संरक्षण समीर सिन्हा को पत्र लिखा है।
7,375 बाउंड्री पिलर गायब, अवैध कब्जों का आरोप
चतुर्वेदी ने अपने पत्र में दावा किया है कि मसूरी वन प्रभाग के रायपुर रेंज क्षेत्र से करीब 7,375 बाउंड्री पिलर गायब हैं। साथ ही, लंबे समय से वन भूमि पर अवैध निर्माण और कब्जों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी (SIT) गठन की सिफारिश की है।
अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप
पत्र में आरोप लगाया गया है कि स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध खनन और निर्माण का खेल वर्षों से जारी है। चतुर्वेदी ने विशेष तौर पर वर्तमान प्रभारी वनाधिकारी अमित कंवर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में अतिक्रमण तेजी से बढ़ा और इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
‘अगर कार्रवाई नहीं हुई तो बचा-खुचा जंगल भी जाएगा’
चतुर्वेदी ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो मसूरी वन प्रभाग का शेष क्षेत्र भी जल्द ही अतिक्रमणकारियों के हाथों चला जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पहले से दर्ज शिकायतों और विवादों पर विभाग की ओर से कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है।
वन विभाग में हड़कंप, प्रमुख वन संरक्षण का बयान
इस पत्र के सामने आने के बाद वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। प्रमुख वन संरक्षण समीर सिन्हा ने कहा कि जांच पहले से चल रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अब तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं संजीव चतुर्वेदी
IFS अधिकारी संजीव चतुर्वेदी अपनी ईमानदारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के लिए देशभर में जाने जाते हैं। उनकी यह पहल एक बार फिर उनके संघर्ष को मजबूत करती है। अब सभी की निगाहें इस मामले की जांच रिपोर्ट और आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।




