स्टोरी(कमल जगाती,नैनीताल):- उत्तराखंड उच्च न्यायालय में आई.एफ.एस.(IFS) अधिकारी पंकज कुमार को राज्य सरकार के नियम विरूद्ध स्थानांतरण को चुनौती देती याचिका में न्यायालय ने 2009 बैच के आई.एफ.एस.पंकज कुमार को राहत देते हुए स्थानांतरण में रोक लगा दी है।
आज हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने न्यायालय से स्थानांतरण आदेश पर पुनः विचार करने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 10 सिंतबर के लिए तय हुई है।
आपकों बता दे कि 2009 बैच के भारतीय वन सेवा(आई.एफ.एस.)अधिकारी पंकज कुमार ने याचिका दायर कर अपने स्थानांतरण आदेश को चुनौती दी।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिजय नेगी ने बताया कि याचिका में कहा गया कि वे नन्दा देवी बाईसफीयर के निदेशक पद पर तैनात हैं, जो एक गंभीर और अतिसंवेदनशील पोस्टिंग होने के साथ ही उसमें केदारनाथ घाटी के भी संवेदनशील क्षेत्र उनके क्षेत्राधिकार में आते हैं। जब वे इस पोस्ट में थे उसमें सभी आई.एफ.एस.अधिकारी को न्यूनतम कार्यकाल सुरक्षा दिया जाता है।
इस न्यूनतम कार्यकाल सुरक्षा नियमावली के तहत किसी भी अधिकारी का 2 वर्ष तक स्थानांतरण नही किया जा सकता। यदि किसी अधिकारी का 2 वर्ष के भीतर स्थानांतरण होता है तो वह एक निहित प्रक्रिया के तहत अधिकारी की सहमति से किया जाता है, लेकिन उनकी स्थानांतरण प्रक्रिया में नियमों का पालन किए बिना ही उनका स्थानांतरण कर दिया गया, जो नियम विरुद्ध है।



