सितम्बर 2025 – रुड़की के गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के माधोपुर गांव में करीब एक साल पहले युवक की तालाब में संदिग्ध मौत का मामला अब नया मोड़ ले चुका है।
कोर्ट के आदेश पर गंगनहर कोतवाली पुलिस ने तीन नामजद समेत छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
मामला क्या है?
यह घटना 24 अगस्त 2024 की है। माधोपुर गांव के तालाब से सोहलपुर गाड़ा निवासी वसीम का शव बरामद हुआ था।
मृतक के चचेरे भाई अल्लाउद्दीन ने आरोप लगाया था कि वसीम की मौत एक हादसा नहीं बल्कि पुलिस की बेरहमी का नतीजा थी।
परिजनों के आरोप
अल्लाउद्दीन द्वारा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हरिद्वार की अदालत में दायर याचिका में कहा गया कि:
- वसीम अपनी बहन के घर से लौटते समय तालाब के पास पुलिसकर्मियों के चंगुल में फंस गया।
- गोवंश संरक्षण स्क्वॉड के उपनिरीक्षक शरद सिंह, कांस्टेबल सुनील सैनी, प्रवीण सैनी और तीन अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़कर बेरहमी से पीटा।
- पुलिसकर्मियों ने लाठी-डंडों से पिटाई के बाद वसीम को तालाब में फेंक दिया।
- मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें गोली मारने की धमकी देकर भगा दिया।
अगली सुबह तालाब से वसीम का शव बरामद हुआ, जिस पर गंभीर चोटों के निशान थे।
शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
परिजनों ने तुरंत पुलिस को तहरीर दी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद परिजनों ने न्याय की उम्मीद में कोर्ट का सहारा लिया।
अब दर्ज हुआ हत्या का केस
कोर्ट के आदेश पर गंगनहर कोतवाली पुलिस ने अब उपनिरीक्षक शरद सिंह, कांस्टेबल सुनील सैनी, प्रवीण सैनी और तीन अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ धारा 302 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।



