पुरोला, 9 सितंबर 2025। नीरज उत्तराखंडी
यमुनाघाटी क्षेत्र में रविवार को हुई अतिवृष्टि ने नौगांव नगर पंचायत में भारी तबाही मचाई। नगर पंचायत प्रशासन ने प्रारंभिक आकलन में करीब 15 करोड़ रुपए से अधिक की परिसंपत्तियों के नुकसान का अनुमान लगाया है। इसमें आरसीसी पुलिया, सड़कें, नालियां, सुरक्षा दीवारें और पेयजल लाइनें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं।
चारों गदेरे बने तबाही का कारण
देवलसारी, नौगांव, सौली और मुराड़ी गदेरे उफान पर आने से नगर पंचायत के सात वार्डों में व्यापक क्षति हुई। इनसे छोटे कस्बों को जोड़ने वाली पुलिया और नई बनी योजनाएं भी पूरी तरह नष्ट हो गईं।
वार्ड नंबर पाँच की सभासद लता नौटियाल ने बताया कि उनके क्षेत्र में ही लगभग 50 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। कई योजनाएं, जो दो महीने पहले ही पूरी हुई थीं, अतिवृष्टि में क्षतिग्रस्त हो गईं।
पेयजल संकट गहराया, टैंकरों से सप्लाई
अतिवृष्टि के चलते जल संस्थान की सभी पेयजल लाइनें ध्वस्त हो गईं, जिससे नगर में पिछले तीन दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित है। अस्थायी राहत के तौर पर जल संस्थान टैंकरों से पानी उपलब्ध करा रहा है, जबकि कर्मचारी क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं।
प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का आकलन
नगर पंचायत अध्यक्ष विजय कुमार ने बताया कि सातों वार्डों में 15 करोड़ रुपए से अधिक की सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान हुआ है। राजस्व विभाग के जेई और स्टाफ के साथ मिलकर स्थलीय निरीक्षण कर क्षति का आकलन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सड़कें, पुलिया और पेयजल लाइनें ध्वस्त होने से कई बस्तियां अलग-थलग हो गई हैं।
नौगांव नगर पंचायत में हुई इस तबाही ने लोगों की जीवनशैली को अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रशासन फिलहाल नुकसान का आकलन और बुनियादी सेवाओं की बहाली में जुटा है, लेकिन तबाही का पैमाना इतना बड़ा है कि सामान्य स्थिति बहाल होने में समय लग सकता है।



