Uttarakhand News: यमुना नदी में अवैध खनन बेखौफ जारी। प्रशासन और विभाग मौन

विकासनगर, 8 सितंबर 2025। नीरज उत्तराखंडी 

डाकपत्थर क्षेत्र में यमुना नदी का सीना चीरकर अवैध खनन माफिया खुलेआम कारोबार कर रहे हैं।

बरसात के तीन महीनों में खनन पर सख्त प्रतिबंध होने के बावजूद खनन माफियाओं के बुल्स ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनें नदी के बीचों-बीच खनन कार्य को धड़ल्ले से अंजाम दे रही हैं।

हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ डाकपत्थर पुलिस चौकी से मात्र आधा किलोमीटर दूरी पर, बस अड्डे के पास हो रहा है।

अवैध खनन पर विभागों की चुप्पी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज बहाव में जब ट्रैक्टर नदी में फंस जाते हैं, तो उन्हें बुल्स ट्रैक्टर से धक्का देकर पार कराया जाता है। इसके बावजूद पुलिस और खनन विभाग इस अवैध गतिविधि से अनजान बनने का नाटक कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक द्वारा उठाए गए सवाल अब सही साबित हो रहे हैं।

ग्रामीणों में आक्रोश

ग्रामीणों के अनुसार खनन में उपयोग हो रहे सभी ट्रैक्टर और बुल्स ट्रैक्टर जीवनगढ़ क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। लगातार आवाजाही और शोर-शराबे से गांव की सड़कें और गलियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। ग्रामीणों में गहरी नाराज़गी है और वे इस खनन पर रोक लगाने के लिए तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

विभागों में तालमेल का अभाव

सूचना मिलने पर विकासनगर पुलिस ने जिम्मेदारी डाकपत्थर चौकी पर डाल दी, वहीं चौकी इंचार्ज का कहना है कि “इतना पुलिस बल नहीं है कि खनन रोका जा सके।” दूसरी ओर वन विभाग का कहना है कि यह क्षेत्र सहसपुर रेंज में आता है।

जब अवैध खनन का वीडियो खनन विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा तो उनका जवाब था कि “हम रोकने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन क्षेत्र बड़ा होने के कारण समय पर पहुंचना संभव नहीं हो पाता।”

कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि विभागीय लापरवाही और मिलीभगत के चलते यमुना नदी धीरे-धीरे खोखली हो रही है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो इसका गंभीर पर्यावरणीय और सामाजिक असर पड़ेगा।

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