रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रमुख संगठन क्रेडाई (CREDAI) ने कहा है कि सरकार द्वारा सीमेंट (Cement) और अन्य निर्माण सामग्रियों पर वस्तु एवं सेवा कर (GST Rates Cut) में की गई कटौती से उपभोक्ताओं की Purchasing Power बढ़ेगी। इसका सीधा असर Real Estate Sector पर पड़ेगा और त्योहारी सीजन में Housing Demand में तेजी देखने को मिल सकती है।
उपभोक्ताओं में बढ़ा उत्साह
क्रेडाई के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि GST Rationalisation से उपभोक्ताओं में विश्वास बढ़ा है। यह बदलाव त्योहारी सीजन से पहले बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।
- नई जीएसटी दरें 22 सितंबर 2025 से लागू होंगी।
- सीमेंट और अन्य सामग्रियों पर टैक्स घटने से Construction Cost कम होगी।
- इससे घर खरीदने वालों की Affordability बढ़ेगी।
CREDAI का बयान
क्रेडाई अध्यक्ष शेखर पटेल ने कहा कि यदि आगामी Union Budget 2025-26 में Tax Incentives मिलते हैं और RBI Repo Rate Cut करता है तो इससे Housing Market को और मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बताया कि 2025 की पहली छमाही में भले ही Property Prices बढ़े हों, लेकिन Home Sales में गिरावट आई है। ऐसे में यह GST Rate Cut रियल एस्टेट सेक्टर को पुनर्जीवित करने का एक बड़ा अवसर है।
ग्राहकों को मिलेगा सीधा लाभ
क्रेडाई ने स्पष्ट किया है कि जीएसटी दरों में कटौती का पूरा फायदा ग्राहकों तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए जरूरी है कि Cement Companies और Construction Material Suppliers भी अपनी दरें कम करें।
रियल एस्टेट मार्केट पर असर
- जीएसटी कटौती से Affordable Housing Segment में नई जान आ सकती है।
- Festive Season 2025 में बुकिंग और सेल्स बढ़ने की संभावना है।
- बनाने वाले और खरीदने वाले दोनों को इसका फायदा मिलेगा।
सरकार द्वारा जीएसटी में संसोधन (GST Rate Cut) रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक सकारात्मक कदम है। यह न केवल निर्माण लागत घटाएगा बल्कि ग्राहकों की खरीदने की क्षमता को भी बढ़ाएगा।
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले महीनों में इससे Real Estate Sector Growth तेज होगी और त्योहारी सीजन में घर खरीदने वालों की संख्या बढ़ सकती है।



