पिथौरागढ़। जिले के मुनस्यारी विकासखंड के राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) खतेड़ा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां प्रधानाचार्य के पद खाली होने पर नियमों की आड़ में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को प्रिंसिपल की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इस निर्णय ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रवक्ता ने त्यागा प्रभार
विद्यालय में स्थायी प्रधानाचार्य की नियुक्ति न होने से हिंदी प्रवक्ता छोटे सिंह को प्रभारी प्रिंसिपल का चार्ज दिया गया था। लेकिन, राजकीय शिक्षकों के संगठन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन छेड़ रखा है।
आंदोलन के तहत उन्होंने पठन-पाठन के अलावा कोई विभागीय कार्य न करने और अतिरिक्त दायित्व न संभालने का ऐलान किया। इसी के बाद छोटे सिंह ने प्रभारी प्रधानाचार्य का चार्ज छोड़ दिया।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बने “प्रभारी प्रधानाचार्य“
चार्ज छोड़ने के बाद विद्यालय में अन्य कोई अधिकारी या प्रवक्ता उपलब्ध न होने के कारण चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजू गिरी को विद्यालय की जिम्मेदारी सौंप दी गई। अब वे ही अस्थायी तौर पर प्रिंसिपल की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
शिक्षा विभाग में उठे सवाल
इस अजीब व्यवस्था पर खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) दिगंबर आर्या ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा,
“राजकीय शिक्षक छात्र और विभागीय हित में गलत निर्णय ले रहे हैं।
यदि जीआईसी खतेड़ा के प्रभारी प्रधानाचार्य को चार्ज किसी को देना ही था तो इसकी सूचना मुझे दी जानी चाहिए थी। यह निर्णय उचित नहीं है और जल्द ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।”
क्यों उठ रहा विवाद?
- विद्यालय में लंबे समय से स्थायी प्रधानाचार्य की नियुक्ति नहीं हुई।
- आंदोलन के चलते प्रवक्ता ने अतिरिक्त जिम्मेदारी लेने से इनकार किया।
- मजबूरी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को प्रभार देना पड़ा।
- शिक्षा विभाग का कहना है कि यह निर्णय नियमों के खिलाफ है और जल्द सुधार होगा।



