देहरादून। सरदार भगवान सिंह (एसबीएस) विश्वविद्यालय ने 20 सितंबर को गुरु सम्मान दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर शिक्षा क्षेत्र के दिग्गजों और शिक्षकों को उनके अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को समाज के निर्माता और भविष्य गढ़ने वाले स्तंभ के रूप में सम्मान देना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और स्वागत भाषण के साथ हुई। डॉ. निधि एस. बेलवाल ने शिक्षकों के ज्ञान, करुणा और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय उनके योगदान के लिए आभारी है।
शिक्षा क्षेत्र की चुनौतियों पर पैनल चर्चा
गुरु सम्मान दिवस का मुख्य आकर्षण “21वीं सदी में शिक्षकों की उभरती भूमिका” विषय पर पैनल चर्चा रही। इसमें डॉ. निधि एस. बेलवाल, प्रो. सी. नित्या शांति, श्री अमिताभ गर्ग, डॉ. पारुल शर्मा, सुश्री तनुजा पोखरियाल और डॉ. रीमा पंत शामिल रहे।
चर्चा में शिक्षा में तकनीकी एकीकरण, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और छात्रों की बदलती आवश्यकताओं पर विचार रखे गए।
शिक्षकों को मिला गुरु सम्मान पुरस्कार
एसबीएस विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) जे. कुमार के नेतृत्व में गुरु सम्मान पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया। इसमें क्षेत्र के प्रमुख शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
पुरस्कार पाने वालों में डॉ. चारु सिंघल (इंडियन एकेडमी, देहरादून), श्री दीपक रावत (प्रेसीडेंसी इंटरनेशनल स्कूल, देहरादून), श्रीमती सुमन लता असवाल (धर्म इंटरनेशनल स्कूल, देहरादून) और श्री यशपाल सिंह (गवर्नमेंट इंटर कॉलेज, बालावाला) सहित कई नाम शामिल रहे।
मुख्य अतिथियों के विचार
मुख्य अतिथि व टेक्नो हब लैबोरेटरीज की निदेशक डॉ. रीमा पंत ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और उन्हें उत्साह व करुणा के साथ अपने मिशन को आगे बढ़ाना चाहिए।
यूकोस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि शिक्षक ही भविष्य के निर्माता हैं, जो विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक और नेता बनने की राह दिखाते हैं।
विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. गौरव दीप सिंह ने शिक्षकों की भूमिका को राष्ट्र की प्रगति में अहम बताते हुए उनकी निरंतर सफलता की कामना की।
समापन
कार्यक्रम का समापन कुलपति प्रो. (डॉ.) जे. कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए स्कूल और विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग जरूरी है। एसबीएस विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप समग्र छात्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
इस मौके पर प्रबंधक श्री जोरावर सिंह, रजिस्ट्रार, डीन, निदेशक, विभागाध्यक्ष और संकाय सदस्य भी मौजूद रहे।



