ऋषिकेश, 27 सितम्बर 2025 – बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर नरकोटा में निर्माणाधीन पुल की शटरिंग गिरने से दो मजदूरों की मौत के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पुल निर्माण कंपनी आरसीसी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, मेरठ के प्रोजेक्ट मैनेजर और इंजीनियर को लापरवाही का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
हादसे की पृष्ठभूमि
20 जुलाई 2022 को ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर नरकोटा के पास निर्माणाधीन पुल की शटरिंग गिर गई थी। इस हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि छह मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए थे। मृतकों में कन्हैया लाल पुत्र वेदराम, निवासी शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) भी शामिल थे।
मजदूरों के परिवार ने उठाई आवाज
हादसे के बाद मृतक कन्हैया लाल के पिता वेदराम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पुल निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ज्योति प्रकाश शर्मा और इंजीनियर मुकेश गुप्ता की सीधी लापरवाही के कारण यह दर्दनाक घटना हुई।
पुलिस जांच और आरोप पत्र
पुलिस ने मामले की जांच के बाद 25 मई 2023 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। इसमें कंपनी के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए उन पर लापरवाही का आरोप लगाया गया।
अदालत का फैसला
शनिवार को बहस पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों अधिकारियों को दोषी मानते हुए चार साल छह माह की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर ₹11,500-₹11,500 का अर्थदंड भी लगाया गया है।



