उत्तरकाशी, 1 अक्तूबर 2025 | नीरज उत्तराखंडी
उत्तरकाशी जिले में पत्रकार राजीव प्रताप की संदिग्ध मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच के लिए डीएसपी उत्तरकाशी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। यह टीम अब तक एकत्रित सभी साक्ष्यों का पुनः विश्लेषण करेगी और नए पहलुओं पर भी कार्य करेगी।
सभी पहलुओं की होगी जांच
डीएसपी की अध्यक्षता वाली यह टीम सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान, कॉल डिटेल्स और अन्य उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से जांच करेगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कार की टेक्निकल रिपोर्ट पहले ही आ चुकी है, लेकिन अब मामले को और स्पष्ट करने के लिए क्रैश इंपेक्ट एनालिसिस भी कराया जाएगा।
कैसे हुई थी घटना
गौरतलब है कि पत्रकार राजीव प्रताप सिंह 19 सितंबर को रहस्यमयी परिस्थितियों में उत्तरकाशी से लापता हो गए थे। पुलिस की तलाशी के दौरान उनकी कार अगले दिन नदी से लगभग 55 मीटर नीचे क्षतिग्रस्त हालत में बरामद हुई।
परिवार ने जताई थी अपहरण की आशंका
राजीव प्रताप के परिजनों ने पुलिस में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद से ही पुलिस ने विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू की। शहर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। लगातार खोजबीन के बाद आखिरकार 28 सितंबर को उनका शव बरामद हुआ। शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया है।
डीजीपी का बयान
उत्तराखंड के डीजीपी दीपम सेठ ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि,
“अब तक हुई जांच से मिले तथ्यों का गहन अवलोकन और आगे की जांच सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष टीम गठित की गई है।”
पत्रकार राजीव प्रताप की मौत का यह मामला अभी भी रहस्य से घिरा हुआ है। अब सभी की निगाहें इस विशेष टीम की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि यह मामला दुर्घटना था, आत्महत्या या फिर किसी साजिश का हिस्सा।



