रुद्रप्रयाग, 1 अक्टूबर 2025 –(रिपोर्ट – जगदंबा कोठारी)
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में जखोली विकासखंड से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। घोलतिर क्षेत्र में एक बीपीएल (Below Poverty Line) कार्ड धारक परिवार ने अपनी पत्नी के नाम पर सरकारी शराब ठेके का लाइसेंस हासिल कर लिया। यह मामला अब जिले में चर्चा का विषय बन गया है और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
बीपीएल कार्ड धारक को मिला करोड़ों का ठेका
जानकारी के अनुसार, ठेका हासिल करने वाले परिवार ने बीते महीने ही बीपीएल श्रेणी में राशन का लाभ उठाया था। इसके बावजूद, करोड़ों रुपए के अधिभार वाला शराब ठेका उसी महिला के नाम पर अलॉट कर दिया गया। दस्तावेज बताते हैं कि लाइसेंसधारी आवश्यक आर्थिक मानकों को पूरा नहीं करता, फिर भी उसे ठेका दिया गया।
आबकारी विभाग ने क्या कहा?
जिला आबकारी अधिकारी रुद्रप्रयाग, रमेश बंगवाल का कहना है कि लाइसेंस आवंटन के लिए आवेदनकर्ता से हैसियत प्रमाण पत्र मांगा गया था, जो मान्य पाया गया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि विभाग के पास बीपीएल श्रेणी से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं थी।
उठ रहे हैं बड़े सवाल
यह मामला अब राज्य स्तर पर बहस का विषय बन गया है कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार को आखिर करोड़ों की गारंटी और अधिभार वाला शराब ठेका कैसे दे दिया गया। क्या आबकारी विभाग ने नियमों की अनदेखी की या फिर निगरानी में गंभीर चूक हुई?
कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोग और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह मामला सिर्फ नियमों की अनदेखी ही नहीं बल्कि व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़ा करता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री और आबकारी विभाग से कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है!



