रुद्रपुर। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा-2025 में हुए कथित पेपर लीक प्रकरण की जांच अब तेज हो गई है।
सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की अध्यक्षता में गठित एकल सदस्यीय जांच आयोग प्रदेशभर में जनसुनवाई एवं जन संवाद कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
हल्द्वानी में दो दिवसीय कार्यक्रम के बाद शनिवार को आयोग की टीम रुद्रपुर पहुंची, जहां अभ्यर्थियों और स्टेकहोल्डर्स ने अपनी बात आयोग के समक्ष रखी।
छात्रों ने परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग की
जन संवाद कार्यक्रम के दौरान कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा को रद्द कर नकलविहीन तरीके से दोबारा कराने की मांग उठाई। छात्रों, शिक्षकों और कोचिंग संचालकों ने आयोग को सुझाव दिया कि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों को रोकने के लिए सख्त और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए। आयोग ने सभी पक्षों को गंभीरता से सुना और उनके विचारों को जांच का हिस्सा बनाने का आश्वासन दिया।
21 सितंबर 2025 को हुआ था पेपर लीक
गौरतलब है कि 21 सितंबर 2025 को आयोजित UKSSSC स्नातक प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक होने की खबर सामने आई थी। पेपर लीक प्रकरण के बाद अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश फैल गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया।
आयोग करेगा सभी जिलों में जनसुनवाई
जांच आयोग के सचिव विक्रम सिंह राणा ने बताया कि हल्द्वानी और रुद्रपुर के बाद अब आयोग अन्य जिलों में भी जाकर जनसुनवाई करेगा। उन्होंने कहा कि–
“आयोग स्टेकहोल्डर्स और अभ्यर्थियों से संवाद कर उनकी राय ले रहा है। सभी विचारों को जांच रिपोर्ट में शामिल कर सरकार को सौंपी जाएगी।”
पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर
आयोग का उद्देश्य है कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहे। अभ्यर्थियों की शिकायतें और सुझाव सीधे आयोग तक पहुंचें ताकि भविष्य की परीक्षाओं में किसी तरह की अनियमितता न हो।



