लालकुआं (उत्तराखंड), 4 अक्टूबर 2025।
उत्तराखंड नर्सिंग महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट से मुलाकात कर नर्सिंग अधिकारियों की वर्षवार भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और राज्य के मूल निवासियों को भर्ती में प्राथमिकता देने की मांग उठाई। इस दौरान महासंघ ने विधायक को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि राज्य में नर्सिंग अधिकारियों की नियमित भर्ती लंबे समय से लंबित है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए भर्ती जरूरी: महासंघ
नर्सिंग महासंघ का कहना है कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी है, जिससे मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा। महासंघ ने कहा कि वर्षवार भर्ती प्रक्रिया को नियमित किया जाए ताकि हर वर्ष नर्सिंग कर्मियों की नियुक्ति हो सके और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सके।
स्थानीय युवाओं को मिले प्राथमिकता
महासंघ ने यह भी मांग रखी कि नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती में उत्तराखंड के मूल निवासियों को प्राथमिकता दी जाए। इससे राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और प्रदेश में प्रतिभा का पलायन रुकेगा।
विधायक ने दिया आश्वासन
लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने नर्सिंग महासंघ की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि वे जल्द ही इस विषय पर स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात करेंगे और इन मुद्दों को प्रमुखता से रखेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाना सरकार की प्राथमिकता है और योग्य युवाओं को रोजगार देना उसका लक्ष्य है।
महासंघ का प्रतिनिधिमंडल रहा उपस्थित
मुलाकात के दौरान महासंघ की ओर से कल्पना गोस्वामी, चम्पा गोस्वामी, मीना दरियाल, पुष्पा सहित कई सदस्य मौजूद रहे। महासंघ के सदस्यों ने कहा कि उनका उद्देश्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाना और बेरोजगार नर्सिंग अधिकारियों को उनका अधिकार दिलाना है।
स्वास्थ्य विभाग में तेज हो भर्ती प्रक्रिया
नर्सिंग महासंघ ने कहा कि वे सरकार से लगातार आग्रह कर रहे हैं कि स्वास्थ्य विभाग में भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जाए ताकि राज्य के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन की राह भी अपना सकते हैं।



