असम में दुखद हादसा: राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर सात जंगली हाथियों की मौत, ट्रेन के पांच डिब्बे पटरी से उतरे

गुवाहाटी, 20 दिसंबर 2025: असम के नागांव जिले के कामपुर क्षेत्र में चंगजुराई के निकट बीती रात एक heartbreaking घटना हुई। सैरांग से नई दिल्ली जा रही 20507 राजधानी एक्सप्रेस एक हाथियों के झुंड से टकरा गई, जिसके कारण सात जंगली हाथियों की तत्काल मौत हो गई। इस घटना से वन्यजीव प्रेमियों में गहरा शोक […]

गुवाहाटी, 20 दिसंबर 2025: असम के नागांव जिले के कामपुर क्षेत्र में चंगजुराई के निकट बीती रात एक heartbreaking घटना हुई। सैरांग से नई दिल्ली जा रही 20507 राजधानी एक्सप्रेस एक हाथियों के झुंड से टकरा गई, जिसके कारण सात जंगली हाथियों की तत्काल मौत हो गई। इस घटना से वन्यजीव प्रेमियों में गहरा शोक व्याप्त है। हादसे की जगह गुवाहाटी से करीब 126 किलोमीटर दूर है।

टक्कर के कारण ट्रेन के पांच डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि, सुखद पहलू यह रहा कि इस दुर्घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित यात्रियों को अस्थायी रूप से अन्य डिब्बों में उपलब्ध खाली सीटों पर स्थानांतरित किया गया।

वन विभाग अधिकारियों ने बताया कि यह दुर्घटना रात लगभग 2:17 बजे घने कोहरे की स्थिति में हुई, जब पास की पहाड़ियों से उतरा हाथियों का झुंड रेलवे ट्रैक पर आ गया। सात हाथियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि एक हाथी का बछड़ा गंभीर रूप से घायल हो गया।

वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायल बछड़े के लिए आपातकालीन उपचार की व्यवस्था की। पशु चिकित्सकों की एक टीम भी मौके पर पहुंची तथा मृत हाथियों का पोस्टमॉर्टम किया।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने दुर्घटना राहत ट्रेनें तथा डिविजनल मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा। एनएफआर के महाप्रबंधक तथा लुमडिंग के डिविजनल रेलवे मैनेजर सहित वरिष्ठ रेलवे अधिकारी बहाली कार्य की निगरानी के लिए घटनास्थल पर पहुंचे। यात्रियों की सहायता के लिए गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर हेल्पलाइन नंबर 0361-2731621, 2731622 तथा 2731623 जारी किए गए।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि हाल के दिनों में इस क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं बढ़ी हैं। हाथियों के झुंड नियमित रूप से इस इलाके से गुजरते रहते हैं। सूत्रों के अनुसार, घातक टक्कर से पहले भी यह झुंड क्षेत्र में विचरण कर रहा था।

रेलवे अधिकारियों ने ट्रैक की मरम्मत तथा सामान्य रेल परिचालन बहाल करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि रेलवे ट्रैक पर जंगली हाथियों की मौत, विशेषकर सर्दियों में, एक गंभीर समस्या बन चुकी है, भले ही हाल के वर्षों में रेलवे ने कई preventive उपाय अपनाए हैं।

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