देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कैंसर सर्जरी विभाग ने एक बेहद जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 51 वर्षीय महिला को नई ज़िंदगी दी है। अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने महिला के पेट से करीब 15 किलो वजनी ओवेरियन (अंडाशय) ट्यूमर को सफल सर्जरी के जरिए निकाल दिया।
डॉक्टरों के अनुसार महिला पिछले कई महीनों से पेट के असामान्य रूप से बढ़ने, लगातार भारीपन और असहजता की समस्या से जूझ रही थीं। जांच के दौरान पता चला कि उनके अंडाशय में अत्यधिक बड़ा ट्यूमर विकसित हो चुका है, जिसके कारण पेट का आकार लगातार बढ़ रहा था।
विस्तृत जांच के बाद हुआ सफल ऑपरेशन
अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने सभी आवश्यक मेडिकल जांच पूरी करने के बाद सर्जरी का निर्णय लिया। जटिल और जोखिमपूर्ण माने जाने वाले इस ऑपरेशन को विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक पूरा किया और महिला के पेट से 15 किलो का विशाल ट्यूमर सुरक्षित रूप से निकाल दिया।
अस्पताल के अनुसार ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और मरीज की हालत अब स्थिर है। महिला तेजी से स्वस्थ हो रही हैं और डॉक्टरों की निगरानी में रिकवर कर रही हैं।
डॉ. पंकज गर्ग बोले— इतनी बड़ी गांठ के साथ अस्पताल पहुंचना चिंता का विषय
कैंसर सर्जरी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज गर्ग ने बताया कि इतने बड़े आकार के ओवेरियन ट्यूमर की सर्जरी करना किसी भी सर्जिकल टीम के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि अनुभवी डॉक्टरों, आधुनिक तकनीक और पूरी मेडिकल टीम के समन्वित प्रयासों से यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया।
डॉ. गर्ग ने कहा कि वर्ष 2026 में भी मरीजों का इतने बड़े ट्यूमर के साथ अस्पताल पहुंचना गंभीर चिंता का विषय है। इसका प्रमुख कारण महिलाओं में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता की कमी और समय पर जांच एवं उपचार न कराना है।
महिलाओं के लिए डॉक्टरों की महत्वपूर्ण सलाह
डॉ. पंकज गर्ग ने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि यदि लंबे समय तक—
- पेट लगातार बढ़ रहा हो,
- पेट में भारीपन या सूजन महसूस हो,
- लगातार दर्द बना रहता हो,
- थोड़ी मात्रा में खाना खाने पर भी पेट भरने जैसा महसूस हो,
- बार-बार पेशाब आने की समस्या हो,
तो इसे सामान्य गैस या मोटापा समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेकर आवश्यक जांच करानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ओवेरियन कैंसर या ट्यूमर का समय पर पता चलने पर इलाज काफी आसान हो जाता है और मरीज की जान भी बचाई जा सकती है।
समय पर जांच से बच सकती है जान
विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं में अंडाशय से जुड़ी बीमारियों के शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य समस्याओं जैसे दिखाई देते हैं, जिसके कारण कई बार मरीज देर से अस्पताल पहुंचते हैं। नियमित स्वास्थ्य जांच और शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से लेने से गंभीर बीमारियों का समय रहते इलाज संभव है।





