चमोली/गिरीश चंदोला
जनपद के नारायणबगड़ विकासखंड क्षेत्र में कर्णप्रयाग-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क किनारे अचानक लगी आग को एक स्थानीय पत्रकार और समाजसेवी ने अपनी सूझबूझ और मानवता के परिचय से फैलने से पहले ही बुझा दिया।
जानकारी के अनुसार, नारायणबगड़ क्षेत्र में सड़क किनारे बने कूड़ादान में अज्ञात कारणों से आग लग गई थी, जो धीरे-धीरे जंगल की ओर बढ़ने लगी। इसी दौरान वहां से गुजर रहे स्थानीय पत्रकार एवं समाजसेवी संजय कंडारी की नजर आग पर पड़ी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तुरंत अपना निजी वाहन रोका और खुद पानी का पाइप लेकर आग बुझाने में जुट गए। उनकी तत्परता से आग जंगल तक पहुंचने से पहले ही काबू में आ गई और बड़ा नुकसान टल गया।संजय कंडारी सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर लगातार सक्रिय रहते हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को जागरूक करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि “जल, जंगल और जमीन बचाने” की मुहिम केवल नारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि हर व्यक्ति को इसके दर्द और महत्व को समझना होगा।
उन्होंने कहा कि जंगलों में लगने वाली आग से वन्यजीवों, पशु-पक्षियों और पर्यावरण को भारी नुकसान होता है। कई बार आग की चपेट में आने से जंगली जानवरों की मौत हो जाती है, जबकि पक्षियों के घोंसले और उनके नवजात बच्चे भी जलकर नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी आग लगती दिखाई दे तो लोग तुरंत सतर्कता दिखाएं और आग पर काबू पाने का प्रयास करें। साथ ही प्रशासन को भी सूचना दें, ताकि समय रहते बड़ी घटनाओं को रोका जा सके।
संजय कंडारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। जंगलों में आग की घटनाओं से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है, जिससे अस्थमा और अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा भीषण गर्मी में भी लगातार इजाफा होता है।




