देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर अपने खिलाफ चल रहे कथित दुष्प्रचार पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनकी हालिया अभिव्यक्ति के बाद उन्हें विभिन्न तरीकों से घेरने का प्रयास किया जा रहा है।
अजेंद्र अजय ने स्पष्ट किया कि उनके बारे में यह प्रचारित किया जा रहा है कि उन्हें BKTC के अध्यक्ष पद पर दोबारा नियुक्त नहीं किया गया, जिसके कारण वे नाराज हैं। उन्होंने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह दुष्प्रचार है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें किसी विशेष गुट से जोड़कर दिखाने की कोशिश की जा रही है, जो गलत है।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि पद की लालसा जैसे आरोप लगाने वाले यह भली-भांति जानते हैं कि उन्होंने बिना किसी पद के भी वर्षों तक पार्टी के लिए कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को उन्होंने उठाया है, वे व्यक्तिगत नहीं बल्कि सार्वजनिक महत्व से जुड़े हैं और उचित समय पर संबंधित दस्तावेजों के साथ उन्हें सार्वजनिक किया जाएगा।
अजेंद्र अजय ने एक भाजपा प्रवक्ता पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “आपराधिक छवि का एक भाजपा प्रवक्ता चैनल पर बैठकर उन्हें ज्ञान और उपदेश दे रहा है”, जो आश्चर्यजनक है।
—
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
अजेंद्र अजय की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
कुछ यूजर्स ने उनका समर्थन किया। एक यूजर ने लिखा कि “अजय जी एक सच्चे, ईमानदार और नेकदिल इंसान हैं, ईश्वर उनके साथ है।”
वहीं एक अन्य यूजर ने उनके पुराने संगठनात्मक योगदान को याद करते हुए कहा कि छात्र राजनीति के समय से ही उनका समर्पण उल्लेखनीय रहा है और उनके उठाए मुद्दे राज्य हित में हैं।
हालांकि, कुछ प्रतिक्रियाएं आलोचनात्मक भी रहीं। एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा कि “कांग्रेस से आकर भाजपा का चाटुकार बन गया होगा वो प्रवक्ता”।
वहीं एक अन्य ने टिप्पणी की कि “ईमानदार और सरल लोग अब पार्टी के ढांचे में फिट नहीं बैठते, चाटुकार लोग हावी हो गए हैं।”
अजेंद्र अजय के इस बयान के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर जहां वे अपने खिलाफ चल रहे दुष्प्रचार को खारिज कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर समर्थन और आलोचना दोनों देखने को मिल रही है। आने वाले समय में उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों और संभावित दस्तावेजों के सार्वजनिक होने पर यह मामला और अधिक चर्चा में आ सकता है।

