वीडियो खुलासा : भाजपा ने जश्न मनाया। अखबारों ने छापा कि शोक मनाया। किलै भै किलै ! य चमचागीरी किलै!!

कृष्णा बिष्ट 

अखबारों को इसीलिए लोग अब गोदी मीडिया कहने लगे हैं। अखबार अब खबर दिखाते नहीं, बल्कि छुपाते हैं और बाकायदा नेताओं को यह भी बताते हैं कि कैसे फोटो सेशन करके जनता को कौन सा मैसेज देना ठीक रहेगा।

गढ़वाल में कल डेढ़ दर्जन लोग मौत के शिकार हो गए और बीजेपी नेता प्रदेश कार्यालय मे डीजे की धुन पर थिरकते रहे। लेकिन अखबारों ने यह खबर गायब करके केवल शोक मनाने की खबर छापी।

पाठकों से अनुरोध है कि नीचे दिया गया वीडियो देखें और बताएं कि खबर किसको कहते हैं ! शोक मनाने की बात खबर थी अथवा जश्न मनाने की यह पाठक खुद ही तय करें !

देखिए वीडियो 

https://youtu.be/EePgA2J45ZM

 

उत्तराखंड में कल पहाड़ों में मौत का तांडव हुआ, अलग-अलग दुर्घटनाओं में डेढ़ दर्जन लोगों की जान चली गयी और अनेक लोग घायल हो गए और दूसरी तरफ बीजेपी मुख्यालय में पार्टी के नेता बेशर्मी से जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर डिस्को करते रहे।

सोशल मीडिया ने भाजपाइयों की इस नाच गाने को लेकर कल ही खबर पब्लिश कर दी थी, लेकिन गोदी मीडिया को इसमें कोई खबर नहीं दिखी।

हकीकत 

इसलिए आज अखबारों से यह खबर गायब करके सिर्फ यह बताया जा रहा है कि “भाजपाइयों ने शोक जताया !”

आखिर भाजपा की इस ब्रांडिंग से अखबारों की कितनी इज्जत बढ़ेगी और भाजपा की कितनी ब्रांडिंग होगी यह अपने आप में देखने वाली बात है !

अमर उजाला की खबर

यहां तक कि कल उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने इसे बीजेपी नेताओं की संवेदनहीनता करार देते हुए कहा कि कम से कम आज बीजेपी को इस प्रकार की खुशियां मनाने से परहेज करना चाहिए था। लेकिन अखबारों ने धस्माना के बयान को भी गायब कर दिया।

हिंदुस्तान की खबर

अमर उजाला और हिंदुस्तान भाजपाइयों की जश्न मनाने वाली खबर और धस्माना के बयान को भी पूरी तरह से पी गए और केवल शोक मनाने का फोटो सेशन करा कर खबर तान दी।

जागरण की तटस्थता 

वहीं दूसरी ओर जागरण ने भाजपा के जश्न मनाने और शोक मनाने की खबर से तो अपने को किनारे रखा लेकिन एक किनारे पर  ‘समाचार सार’ वाले कॉलम में  सूर्यकांत धस्माना  के बयान पर एक छोटी सी खबर जरूर छाप दी।

सवाल जागरण पर भी है कि क्या प्रदेश स्तर पर भाजपा की बीट देखने वाले  जागरण को  जश्न मनाने और शोक मनाने का कोई दृश्य भाजपा कार्यालय में नहीं दिखा, जो जागरण ने  यह खबर ही छोड़ दी।  या फिर संपादकीय स्तर पर जागरण ने भी  सफाई से खेल कर दिया।

चमकदार कपड़ों से पकड़ में आए जश्न मनाने वाले

हकीकत यह है कि मीडिया ने भाजपाइयों के जश्न मनाने  पर छींटाकशी की तब जा कर बीजेपी नेताओं ने अपना नाच गाना बन्द किया था। चलो भाजपा तो जश्न मनाए या शोक मनाए, लेकिन गोदी मीडिया के इस कारनामे पर रोज विश्वास से अखबार पढ़ने वाला पाठक आखिर क्या मनाए !

नौ नौनिहालों और सात तीर्थयात्रियों की मौत के जश्न में नाचने वाले भाजपा नेता कोई साधारण नहीं थे। इस डांस प्रोग्राम को भारतीय जनता पार्टी के नए-नए महामंत्री अनिल गोयल लीड कर रहे थे, जिन्होंने कुछ दिन पहले कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को अनुशासनहीनता का नोटिस जारी किया था। अनिल गोयल का साथ देने वाले राज्यमंत्री रविंद्र सिंह कटारिया और युवा कल्याण विभाग के जितेंद्र रावत मोनी भी थे। इसके अलावा इस डांस प्रोग्राम में शिरकत करने वाले लोगों में भाजपा के देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा जो स्वयं को उत्तराखंड आंदोलनकारी भी बताते हैं, के अलावा भाजपा प्रवक्ता शादाब शम्स, भाजपा जिलाध्यक्ष शमशेर सिंह पुंडीर, मधु भट्ट भी शामिल थी।

क्या हमारे लोक गायक हर दिल अजीज नरेंद्र सिंह नेगी कभी इन अखबारों से भी पूछेंगे कि किलै भाई किलै चमचागिरी किलै !!!

पर्वतजन अपने प्रिय पाठकों से अनुरोध करता है कि यदि आपको यह खबर उचित लगी हो तो इसे इतना शेयर कीजिए कि ये अखबार आइंदा आपके भरोसे के साथ छल करने की हिम्मत न कर सकें

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts