देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में AMI माइक्रोबायोलॉजी पर अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आगाज़

  • देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में AMI माइक्रोबायोलॉजी पर अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आगाज़
  • डीबीबीयू बनी AMI कॉन्फ्रेंस आयोजित करने वाली देश की पहली प्राइवेट यूनिवर्सिटी

देहरादून।
देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी (DBUU) ने शिक्षा क्षेत्र में एक और उपलब्धि दर्ज की है। टॉप इमर्जिंग यूनिवर्सिटीज की सूची में शामिल डीबीबीयू अब प्रतिष्ठित एसोसिएशन ऑफ माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स इन इंडिया (AMI) की अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस आयोजित करने वाली देश की पहली प्राइवेट यूनिवर्सिटी बन गई है।

चार दिवसीय 66वीं AMI एनुअल इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस एंड रिसर्च कॉन्क्लेव का शुभारंभ आज डीबीबीयू परिसर में हुआ।

मुख्य अतिथि ने कहा – माइक्रोबायोलॉजी भविष्य की तकनीक का आधार

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि एवं सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का उद्देश्य अकादमिक्स को उद्योग और शोध से जोड़ना है।
उन्होंने कहा—
“माइक्रोबायोलॉजी को एआई और टेक्नोलॉजी से जोड़ने की आवश्यकता है। माइक्रोबायोलॉजी और माइक्रोबायोम न केवल हमारे शरीर से जुड़े हैं बल्कि हर क्षेत्र से सीधे संबंध रखते हैं। यह भविष्य के अनुसंधान और नवाचार का आधार है।”

उद्घाटन सत्र में प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित

सम्मेलन का उद्घाटन डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा,प्रो. गोवर्धन दास (हेड, स्कूल ऑफ ऑनर्स),डायरेक्टर IISER, श्री संजय बंसल, (प्रेसिडेंट, DBUU),श्री अमन बंसल (वाइस प्रेसिडेंट, DBUU),प्रो. अजय कुमार (वाइस चांसलर, DBUU),प्रो. प्रिंस कुमार (प्रेसिडेंट, AIMI),प्रो. नमिता सिंह (जनरल सेक्रेटरी, AIMI),प्रो. नबील अहमद (कॉनक्लेव जनरल सेक्रेटरी) द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

चार दिनों तक 500 से अधिक शोध पत्र पेश होंगे

कार्यक्रम में साइंटिफिक सेमिनार, टेक्निकल सेशन, पैनल डिस्कशन और वर्कशॉप शामिल हैं।
कॉनक्लेव में देश–दुनिया के 20 से अधिक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।
सम्मेलन के दौरान 500 से अधिक रिसर्च पेपर्स प्रस्तुत किए जाएंगे।इसके अलावा पोस्टर प्रतियोगिता, एक्सपर्ट टॉक्स और अवॉर्ड सेरेमनी भी आयोजित की जाएंगी।

विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

AMI की कॉन्फ्रेंस पहले केवल सरकारी और राष्ट्रीय स्तर की संस्थानों में आयोजित होती रही है। पहली बार किसी प्राइवेट यूनिवर्सिटी को यह आयोजन सौंपना डीबीबीयू की रिसर्च क्षमता, इन्फ्रास्ट्रक्चर और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता का प्रमाण है।

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