देहरादून:
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक हैरान करने वाला पारिवारिक विवाद सामने आया है। यहां कालसी ब्लॉक के एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर घर छोड़कर चार बच्चों को साथ ले जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित पति अब न्याय की उम्मीद में सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है और अपनी शिकायत लेकर महिला आयोग के जनता दरबार तक पहुंच गया।
दरअसल, महिला आयोग द्वारा आयोजित जनता दरबार में आमतौर पर महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर पहुंचती हैं, लेकिन इस बार वहां एक पुरुष अपनी पीड़ा सुनाने पहुंचा। कालसी क्षेत्र के निवासी मंतू दास ने बताया कि उनकी पत्नी अचानक घर छोड़कर चली गई और अपने साथ उनके चारों बच्चों को भी ले गई। इतना ही नहीं, वह उन्हें लगातार धमकियां भी दे रही है।
मंतू दास के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब उनकी पत्नी घर छोड़कर गई हो। इससे पहले भी वह बच्चों को छोड़कर चली गई थी, लेकिन उस समय गांव में पंचायत होने के बाद वह वापस लौट आई थी। इस बार हालांकि वह बच्चों को अपने साथ लेकर चली गई। मंतू बताते हैं कि जिस दिन यह घटना हुई, वह रोज की तरह बकरियों के लिए चारा लेने जंगल गए थे। जब वह घर लौटे तो घर खाली मिला और पत्नी व बच्चे वहां नहीं थे।
पीड़ित पति ने बताया कि उनकी पत्नी को गाने और अभिनय का काफी शौक था। पत्नी की इस रुचि को देखते हुए उन्होंने उसे स्मार्टफोन दिलाया और इंस्टाग्राम पर अकाउंट बनाने में भी मदद की। धीरे-धीरे उसके वीडियो पर लोगों की दिलचस्पी बढ़ने लगी और उसके हजारों फॉलोअर्स हो गए। लेकिन इसी दौरान घर में विवाद भी बढ़ने लगे और एक दिन वह अचानक बच्चों के साथ घर छोड़कर चली गई।
जनता दरबार में मंतू दास के साथ उनकी ग्राम प्रधान भी मौजूद रहीं, जिन्होंने मामले में न्याय दिलाने की मांग की। मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले मंतू दास ने बताया कि उनके पैर में दिक्कत है और ऐसे में बच्चों के बिना उनका जीवन और भी मुश्किल हो गया है। अब वह प्रशासन और महिला आयोग से मदद की उम्मीद लगाए हुए हैं।




