बड़ी खबर: महिला तकनीकी विद्यालय में छात्राओं के साथ छात्र भी पढ़ सकेंगे। विशेषज्ञों में नाराजगी

देहरादून |  उत्तराखंड में महिला शिक्षा और सशक्तिकरण को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। वर्ष 2012 में स्थापित विमेंस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (WIT), जो प्रदेश का एकमात्र सरकारी महिला तकनीकी कॉलेज था, अब अपने अस्तित्व को खो चुका है। इसे तकनीकी विश्वविद्यालय की फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ विलय कर सह-शिक्षा (Co-Education) संस्थान […]

देहरादून | 

उत्तराखंड में महिला शिक्षा और सशक्तिकरण को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। वर्ष 2012 में स्थापित विमेंस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (WIT), जो प्रदेश का एकमात्र सरकारी महिला तकनीकी कॉलेज था, अब अपने अस्तित्व को खो चुका है।

इसे तकनीकी विश्वविद्यालय की फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ विलय कर सह-शिक्षा (Co-Education) संस्थान में बदल दिया गया है। इस निर्णय को विश्वविद्यालय की कार्य परिषद से भी मंजूरी मिल चुकी है।

महिला सशक्तिकरण पर उठे सवाल

इस फैसले के बाद शिक्षा जगत और आम जनता में असंतोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि जिस संस्थान को सरकार को और मजबूत बनाकर महिला विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करना चाहिए था, उसे खत्म कर देना महिलाओं के हितों के खिलाफ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।

छात्राओं के भविष्य पर असर की चिंता

WIT कॉलेज में वर्तमान में छात्राएं विभिन्न तकनीकी पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रही थीं और अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयासरत थीं। यहां पांच प्रमुख तकनीकी कोर्स संचालित किए जाते थे, जो छात्राओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते थे। अब इस बदलाव से छात्राओं के भविष्य और उनके लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

नीतियों पर उठे गंभीर प्रश्न

एक ओर सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह के फैसले जमीनी हकीकत को उजागर करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस संस्थान को और विकसित किया जाता, तो यह प्रदेश की बेटियों के लिए बेहतर अवसर और आत्मविश्वास का केंद्र बन सकता था।

WIT कॉलेज का यह विलय केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि महिला शिक्षा और समानता के मुद्दे पर एक बड़ी बहस को जन्म दे चुका है। अब देखना होगा कि सरकार इस विरोध और चिंताओं पर क्या रुख अपनाती है।

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