घायल आरोपियों को उपचार के लिए प्रेमनगर चिकित्सालय भेजा गया। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसपी सिटी शेखर सुयाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल पहुंचकर भी मामले की जानकारी ली। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
रुड़की के रहने वाले हैं दोनों घायल आरोपी
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में घायल आरोपियों की पहचान शमीम और शहजाद के रूप में हुई है। दोनों हरिद्वार जिले के रुड़की के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो पिस्टल, जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस बरामद किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने पटेलनगर, विकासनगर और सहसपुर समेत अन्य थाना क्षेत्रों में नकबजनी की घटनाओं में शामिल होने की बात बताई है।
बंद घरों की रेकी कर चोरी करने का आरोप
एसपी सिटी शेखर सुयाल के मुताबिक, दोनों आरोपी पहले पटेलनगर और विकासनगर क्षेत्र में बंद घरों की रेकी करते थे और इसके बाद चोरी व नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार, चोरी की घटनाओं में मिले सामान को आरोपियों ने हरिद्वार में एक स्थानीय व्यक्ति को बेचा था।
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी किसी अन्य वारदात को अंजाम देने के इरादे से हरिद्वार से देहरादून आए थे। वे पटेलनगर और आसपास के इलाकों में बंद घरों की रेकी कर रहे थे।
टैक्सी की फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहे थे आरोपी
पुलिस के अनुसार, चेकिंग से बचने के लिए आरोपियों ने अपनी मोटरसाइकिल पर टैक्सी की फर्जी नंबर प्लेट लगाई हुई थी। नयागांव के पास पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वे बुडपुर की ओर भागने लगे। पीछा करने पर उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल हो गए।
कई मुकदमे दर्ज
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि दोनों आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास है। शमीम के खिलाफ 15 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि शहजाद के खिलाफ 9 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। दोनों के खिलाफ देहरादून और हरिद्वार में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वे पूर्व में हरिद्वार जेल भी जा चुके हैं और उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही देहरादून और हरिद्वार में हुई अन्य चोरी और नकबजनी की घटनाओं में उनकी कथित संलिप्तता की जांच की जा रही है।






