बड़ी खबर: रवांल्टा समाज को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग तेज, जिला पंचायत अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

उत्तरकाशी, 22 मई 2026। रिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी जनपद उत्तरकाशी की यमुना, टौंस और गंगा घाटी में निवास करने वाले रवांल्टा (रंवाल्टा) समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में शामिल किए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश सिंह चौहान ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar […]

उत्तरकाशी, 22 मई 2026।

रिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी
जनपद उत्तरकाशी की यमुना, टौंस और गंगा घाटी में निवास करने वाले रवांल्टा (रंवाल्टा) समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में शामिल किए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है।

इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश सिंह चौहान ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami को विस्तृत ज्ञापन भेजकर समुदाय की 50 वर्षों से लंबित मांग पर सकारात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

ज्ञापन में कहा गया है कि सीमांत जनपद उत्तरकाशी की यमुना, टौंस एवं गंगा घाटियों में निवास करने वाला रवांल्टा समुदाय प्राचीन काल से अपनी विशिष्ट संस्कृति, भाषा, बोली, रीति-रिवाज और परंपराओं के साथ जीवन यापन करता आ रहा है।

इस समुदाय की सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक जीवन शैली और सामाजिक संरचना अन्य जनजातीय समुदायों की भांति अत्यंत विशिष्ट एवं संरक्षण योग्य है।

रमेश सिंह चौहान ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि वर्तमान समय में भी रवांल्टा समाज अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

इसके बावजूद अब तक इस समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में स्थान नहीं मिल पाया है, जिसके कारण समाज के लोगों को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित अनेक संवैधानिक एवं कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि सनातन परंपराओं और वैदिक संस्कृति को जीवित रखने वाला यह समुदाय अपनी विशिष्ट पहचान और ऐतिहासिक विरासत के बावजूद सरकारी मान्यता से वंचित है। समाज की लंबे समय से यह मांग रही है कि रवांल्टा समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देकर उसकी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक धरोहर को संरक्षित किया जाए।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि उत्तरकाशी जनपद के रवांल्टा समाज की दशकों पुरानी मांग को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजे, ताकि समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल किया जा सके।

उन्होंने कहा कि यदि रवांल्टा समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिलता है, तो न केवल समाज के लोगों को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ मिलेगा, बल्कि रंवाई क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी आने वाली पीढ़ियों के लिए सुनिश्चित हो सकेगा।

रवांल्टा समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री से इस ऐतिहासिक मांग पर शीघ्र निर्णय लेकर समुदाय को न्याय दिलाने की अपेक्षा व्यक्त की है।

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