पुरोला/उत्तरकाशी, जून 2026।नीरज उत्तराखंडी
उत्तरकाशी जनपद के बर्फिया लाल जुवाँठा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पुरोला में निर्माणाधीन महिला छात्रावास की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। छात्रसंघ अध्यक्ष गोविन्द सिंह ने निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं और गुणवत्ता संबंधी गंभीर सवाल उठाते हुए प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
छात्रसंघ अध्यक्ष ने मुख्य अभियंता, सिंचाई निर्माण खंड उत्तरकाशी तथा उपजिलाधिकारी पुरोला को पत्र भेजकर कहा है कि महाविद्यालय परिसर में लगभग 4 करोड़ 92 लाख 94 हजार रुपये (492.94 लाख रुपये) की लागत से महिला छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर छात्रों और स्थानीय लोगों के बीच लगातार चिंताएं बढ़ रही हैं।
अलग-अलग ईंटों के इस्तेमाल और रात में ढलाई के आरोप
छात्रसंघ अध्यक्ष द्वारा भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्य में अलग-अलग प्रकार की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा छात्रावास की छत की ढलाई रात के समय किए जाने की जानकारी भी सामने आई है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण भवन में किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए खतरा बन सकती है।

छात्रहित में तकनीकी जांच की मांग
गोविन्द सिंह ने कहा कि छात्राओं के हितों को देखते हुए निर्माण कार्य की तकनीकी एवं निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उन्होंने प्रशासन से यह भी अनुरोध किया कि जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य की निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
निर्माणदायी विभाग ने आरोपों को किया खारिज
वहीं इस पूरे मामले पर निर्माणदायी विभाग का पक्ष भी सामने आया है। जब निर्माण कार्य के साइड इंचार्ज अभियंता सुभाष नौटियाल से इस संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महिला छात्रावास का निर्माण कार्य पूरी तरह निर्धारित मानकों और तकनीकी मापदंडों के अनुरूप किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विभाग द्वारा गठित समिति समय-समय पर निरीक्षण कर रही है और प्रत्येक चरण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
जांच की मांग से बढ़ी हलचल
महिला छात्रावास निर्माण को लेकर उठे इन सवालों के बाद महाविद्यालय परिसर और स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभागों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और जांच की मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है।
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