बड़ी खबर:वन भूमि हस्तांतरण मामलों में डीएम के सख्त निर्देश। इन अधिकारीयों को सौंपी अहम जिम्मेदारी

देहरादून, 10 जून 2026।नीरज उत्तराखंडी  उत्तराखंड में राष्ट्रीय और राज्य महत्व की विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए वन भूमि हस्तांतरण (Forest Land Transfer) से जुड़े मामलों में तेजी लाने के निर्देश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित […]

देहरादून, 10 जून 2026।नीरज उत्तराखंडी 

उत्तराखंड में राष्ट्रीय और राज्य महत्व की विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए वन भूमि हस्तांतरण (Forest Land Transfer) से जुड़े मामलों में तेजी लाने के निर्देश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि विकास कार्यों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए।

आशारोड़ी-झाझरा-मसूरी हाईवे परियोजना पर विशेष फोकस

बैठक में जानकारी दी गई कि आशारोड़ी-झाझरा-मसूरी हाईवे परियोजना के लिए लगभग 110 हेक्टेयर प्रतिपूरक वनीकरण (CA) भूमि की आवश्यकता है। इस पर जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों को परियोजना का विस्तृत प्लान प्रस्तुत करने और वन विभाग को अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

लोक निर्माण विभाग की 14 परियोजनाओं के लिए चाहिए 68 हेक्टेयर भूमि

समीक्षा बैठक में यह भी बताया गया कि लोक निर्माण विभाग (PWD) की 14 विभिन्न परियोजनाओं के लिए लगभग 68 हेक्टेयर सीए भूमि की आवश्यकता है। जिलाधिकारी ने संबंधित उपजिलाधिकारियों और वन विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से भूमि चिन्हित करने और प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।

वन भूमि हस्तांतरण के लिए बनेगी संयुक्त टीम

वन भूमि हस्तांतरण और प्रतिपूरक वनीकरण भूमि चिन्हीकरण से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी ने डीएफओ, उपजिलाधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के अधिशासी अभियंताओं की संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए।

यह टीम लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगी, जिससे महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में देरी न हो।

तहसीलदारों और एसडीएम को भी सौंपी गई अहम जिम्मेदारी

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय एवं राज्य महत्व की परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि चयन में तहसीलदार सक्रिय भूमिका निभाएं। वहीं सभी उपजिलाधिकारियों (SDM) को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रस्तावित परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और वन भूमि हस्तांतरण मामलों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे और लंबित मामलों का जल्द निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में प्रभावी वनाधिकारी चकराता वैभव कुमार, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, उपजिलाधिकारी रविन्द्र जुवांठा, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग ओमपाल सिंह, राष्ट्रीय राजमार्ग और वन विभाग के अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कई अधिकारी वर्चुअल माध्यम से भी बैठक में शामिल हुए।

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