देहरादून। डॉल्फिन (पी.जी.) इंस्टिट्यूट ऑफ बायोमेडिकल एंड नेचुरल साइंसेज़, देहरादून में 12–13 नवंबर को दो दिवसीय अंतर-स्कूली शैक्षणिक महोत्सव ‘Knowledge Spark 2025 – The Dolphin School Connect Conclave’ का सफल आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में देहरादून जिले के 27 स्कूलों के 250 से अधिक विद्यार्थियों ने विज्ञान, तकनीक, नवाचार, युवा संसद और खगोलिकी जैसे क्षेत्रों में अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
करीब 40 शिक्षक और डॉल्फिन इंस्टिट्यूट के सभी संकाय सदस्य इस आयोजन में उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम का शैक्षणिक वातावरण और अधिक समृद्ध और प्रेरक बन गया।
मुख्य अतिथि ने किया शुभारंभ, शिक्षा में मूल्यों और संस्कृति पर दिया जोर
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. चण्डी प्रसाद घिल्डियाल, सहायक निदेशक, संस्कृत शिक्षा विभाग, उत्तराखंड सरकार ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया।
उद्घाटन सत्र के दौरान—
- डॉ. वर्शा पारचा (डीन रिसर्च) ने संस्थान की शोध उपलब्धियों और शिक्षा गुणवत्ता का परिचय दिया।
- प्रो. ज्ञानेंद्र अवस्थी (डीन अकादमिक्स) ने कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्य और स्कूल-कनेक्ट मॉडल के बारे में जानकारी साझा की।
- डॉ. घिल्डियाल ने छात्रों को मूल्य आधारित शिक्षा, भाषा-संस्कृति संरक्षण और समग्र विकास का संदेश दिया।
उद्घाटन सत्र का समापन डॉ. श्रुति शर्मा द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
पहले दिन क्विज़, मॉडल प्रदर्शनी और करियर काउंसलिंग ने आकर्षित किया
पहले दिन आयोजित इंटर-स्कूल क्विज़ और वर्किंग मॉडल प्रदर्शनी में छात्रों ने—
- विज्ञान
- तकनीक
- पर्यावरण
- सामाजिक नवाचार
पर आधारित बेहतरीन प्रोजेक्ट और ज्ञान का प्रदर्शन किया।
साथ ही करियर काउंसलिंग सत्र में विशेषज्ञों ने छात्रों को उच्च शिक्षा और भविष्य के करियर मार्गों पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
स्टार-गेज़िंग सत्र रहा आकर्षण का केंद्र
शाम के समय आयोजित स्टार-गेज़िंग एवं टेलीस्कोप हैंड्स-ऑन सत्र में छात्रों ने—
- चंद्रमा
- शनि ग्रह
- तारामंडल
- आकाशगंगा
का लाइव अवलोकन किया। यह सत्र पुनर्वसु एस्ट्रोनॉमी क्लब द्वारा संचालित किया गया और बच्चों के लिए अत्यंत यादगार साबित हुआ।
दूसरे दिन युवा संसद में गूंजे तार्किक तर्क
दूसरे दिन की मुख्य गतिविधि युवा संसद रही, जिसमें छात्रों ने राष्ट्रीय विकास, पर्यावरणीय जिम्मेदारी, शिक्षा सुधार और युवा शक्ति जैसे मुद्दों पर अपने विचार प्रभावशाली, तार्किक और अनुशासित रूप से व्यक्त किए।
बच्चों के तर्कों और प्रस्तुति की दर्शकों और जजों ने जमकर सराहना की।
समापन समारोह में विजेताओं को किया गया सम्मानित
समापन एवं वैलेडिक्टरी समारोह की अध्यक्षता डॉ. पारुल शर्मा, प्राचार्य माउंटफोर्ट अकादमी ने की। उन्होंने डॉल्फिन इंस्टिट्यूट की इस पहल को “अत्यंत प्रशंसनीय और प्रेरणादायक” बताया।
कार्यक्रम के अंत में—
- क्विज़
- मॉडल प्रदर्शनी
- युवा संसद
सहित सभी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार और सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
स्कूलों ने डॉल्फिन इंस्टिट्यूट की इस पहल की सराहना की
प्रतिभागी स्कूलों के प्राचार्यों और छात्रों ने डॉल्फिन इंस्टिट्यूट के इस प्रयास की जोरदार सराहना करते हुए कहा कि—
“दूर-दराज़ के छात्रों को मुख्यधारा की उन्नत शिक्षा से जोड़ने का यह एक अद्भुत प्रयास है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, ज्ञान-विस्तार और नवाचार कौशल को नई दिशा प्रदान करते हैं। भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए।”



