कृषि, उद्यान, गन्ना एवं राजस्व विभाग के फील्ड कार्मिकों के मान्यता प्राप्त संघों की संयुक्त समन्वय समिति, जनपद देहरादून के आह्वान पर मंगलवार को राजस्व परिषद परिसर, देहरादून में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन एग्रीस्टैक (डिजिटल क्रॉप सर्वे-DCS) एवं फार्मर रजिस्ट्री के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक समस्याओं और फील्ड स्तर पर कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार के विरोध में किया गया।
धरना-प्रदर्शन में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लेते हुए अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। कर्मचारियों का कहना था कि डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) के कार्य में लगातार तकनीकी दिक्कतें, संसाधनों की कमी, स्पष्ट दिशा-निर्देशों का अभाव और अतिरिक्त कार्यभार के कारण फील्ड स्तर के कर्मचारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश संयोजक हीरा बल्लभ जोशी, प्रदेश संयोजक (राजस्व) श्याम सिंह तोमर, मुख्य संयोजक नवीन सिंह रावत, संयोजक सत्य प्रकाश और प्रकाश चन्द्र भट्ट ने किया। इस दौरान देवेंद्र रावत, त्रिलोक पंवार, राकेश जोशी, सत्यप्रकाश तिवारी, प्रियंका थपलियाल, निधि थपलियाल,महेश दत्ता तथा उद्यान विभाग के सह-संयोजक विक्रम सिंह दानू सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
समन्वय समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि बिना पर्याप्त संसाधन, प्रशिक्षण और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के इस कार्य को कराना न केवल कर्मचारियों के लिए कठिन है बल्कि इससे कार्य की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग उठाई कि डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री का कार्य राज्य सरकार द्वारा नियमानुसार आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कराया जाए, जबकि विभागीय कर्मचारियों को केवल मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी जाए।
धरना-प्रदर्शन के माध्यम से कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि फील्ड कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। समिति ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

एग्रीस्टैक और डिजिटल क्रॉप सर्वे के विरोध में देहरादून में फूटा कर्मचारियों का आक्रोश, संयुक्त समन्वय समिति ने दिया धरना।



