पुरोला/नौगांव। नीरज उत्तराखंडी
टौंस वन प्रभाग के ठडुंग क्षेत्र में जंगल की आग बुझाने के दौरान पहाड़ी से गिरकर जान गंवाने वाले फारेस्ट गार्ड सोहन सिंह रावत के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
नौगांव विकासखंड के मंजियाली गांव निवासी युवा वनकर्मी के असमय निधन ने परिवार, गांव और वन विभाग को गहरे सदमे में डाल दिया है।
सोहन रावत पुत्र शूरवीर सिंह रावत अपने परिवार की पांच संतानों में शामिल थे। परिवार में खुशियों का माहौल था क्योंकि आगामी 20 दिसंबर को उनकी शादी तय हुई थी और तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
शादी से छह माह पहले हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया है। घर में जहां विवाह की तैयारियों की चर्चा हो रही थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात टौंस वन प्रभाग के ठडुंग क्षेत्र के जंगलों में लगी आग बुझाने के अभियान के दौरान सोहन रावत लीसा श्रमिकों के साथ मोर्चे पर डटे हुए थे।
इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह गहरी खाई में गिर गए, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। कर्तव्य पालन के दौरान हुई इस घटना ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी स्तब्ध कर दिया है।
दुःखद समाचार मिलते ही मंजियाली गांव में शोक का माहौल छा गया। दिवंगत वनकर्मी के घर पर संवेदना व्यक्त करने वालों का लगातार तांता लगा हुआ है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण बड़ी संख्या में उनके आवास पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।
गुरुवार को दायित्वधारी श्याम डोभाल, जिला पंचायत सदस्य विजय प्रकाश बंधानी, सभासद सुनील कोहली, रोहित, प्यारे लाल हिमानी, ग्राम प्रधान धीरेंद्र राणा, द्रविड़ कोहली सहित अनेक लोगों ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की।
सभी ने सोहन रावत के निधन को क्षेत्र और वन विभाग के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि उन्होंने पर्यावरण और वनों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है।
इस बीच वन संरक्षक नीतू लक्ष्मी ने भी दिवंगत फारेस्ट गार्ड के पैतृक आवास पहुंचकर परिवारजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया।
उन्होंने कहा कि विभाग इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ा है तथा हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने सोहन रावत के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका बलिदान सदैव स्मरण किया जाएगा।
उधर उप वन संरक्षक डी.पी. बलूनी ने परिजनों द्वारा रखी गई मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक पत्रावली तैयार कर विभागीय प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नियमानुसार मिलने वाली सभी सहायता और सुविधाएं परिवार को उपलब्ध कराने के लिए विभाग तत्पर है।
ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है। सोहन रावत का असमय निधन न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र और वन विभाग के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उनका त्याग, समर्पण और कर्तव्यपरायणता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।





