देहरादून। अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े विवादित मामले में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर को बड़ी राहत मिली है। देहरादून के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए एक लाख रुपये के निजी मुचलके और समान धनराशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
बीती 14 जून बीजेपी प्रदेश प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाने के मामले में दर्ज हुए मुकदमे में कार्रवाई करते हुए कोतवाली डालनवाला पुलिस और एसओजी ने पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर को बुग्गावाला क्षेत्र से हिरासत में लिया था ।
पूछताछ के बाद सुरेश राठौर को गिरफ्तार कर लिया,जिसके बाद न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
जांच में सहयोग कर रहे थे सुरेश राठौर: बचाव पक्ष
अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि सुरेश राठौर को मामले में पहले ही नोटिस देकर जांच में शामिल होने के लिए कहा गया था और वह लगातार जांच में सहयोग कर रहे थे। बचाव पक्ष के अनुसार बाद में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(6) जोड़े जाने के बाद उनकी गिरफ्तारी की गई।
बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि मामले में लागू अधिकांश धाराएं जमानती प्रकृति की हैं और गिरफ्तारी की कोई विशेष आवश्यकता नहीं थी।
अभियोजन पक्ष ने किया जमानत का विरोध
वहीं अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मामले की विवेचना अभी जारी है, इसलिए आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। इसी आधार पर जमानत याचिका का विरोध किया गया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों के साथ-साथ पुलिस अभिलेखों का भी विस्तार से परीक्षण किया।
कोर्ट ने धारा 308(6) को माना जमानती श्रेणी का मामला
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि धारा 308(6) जोड़े जाने से पहले आरोपी को बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किया गया था और वह जांच में सहयोग कर रहा था।
अदालत ने यह भी माना कि जिस नई धारा के आधार पर गिरफ्तारी की गई, वह प्रथम अनुसूची के अनुसार जमानती श्रेणी में आती है। ऐसे में आरोपी को जमानत देने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं।
एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर मिली जमानत
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपी को जमानत पर रिहा किए जाने का पर्याप्त आधार बनता है। इसके बाद अदालत ने सुरेश राठौर की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानतदारों की शर्त पर रिहा करने के आदेश जारी कर दिए।





