बड़ी खबर: उत्तराखंड में अब हाइब्रिड वाहनों पर भी लगेगा ग्रीन सेस! प्रस्ताव तैयार, मंत्रिमंडल की मुहर बाकी

देहरादून, 2 जून 2026। उत्तराखंड में अन्य राज्यों से आने वाले हाइब्रिड वाहनों को अब ग्रीन सेस में मिलने वाली छूट समाप्त हो सकती है। परिवहन विभाग ने ग्रीन सेस वसूली नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। वित्त विभाग की सहमति मिलने के बाद अब इस प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल […]

देहरादून, 2 जून 2026। उत्तराखंड में अन्य राज्यों से आने वाले हाइब्रिड वाहनों को अब ग्रीन सेस में मिलने वाली छूट समाप्त हो सकती है। परिवहन विभाग ने ग्रीन सेस वसूली नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। वित्त विभाग की सहमति मिलने के बाद अब इस प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल की मुहर लगना बाकी है। मंजूरी मिलते ही हाइब्रिड वाहनों से भी ग्रीन सेस की वसूली शुरू हो जाएगी।

अब सिर्फ सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगी छूट

वर्तमान व्यवस्था के तहत इलेक्ट्रिक, सीएनजी और हाइब्रिड वाहनों को ग्रीन सेस से छूट दी गई थी। लेकिन परिवहन विभाग का मानना है कि हाइब्रिड वाहन पूरी तरह प्रदूषण मुक्त नहीं होते, क्योंकि इनमें पेट्रोल या अन्य ईंधन आधारित इंजन भी शामिल होता है।

इसी आधार पर विभाग ने ग्रीन सेस नियमावली से “हाइब्रिड वाहन” शब्द हटाने का प्रस्ताव तैयार किया है।

क्यों लिया जा रहा है यह फैसला?

उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार दोनों ही इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की नीति पर काम कर रही हैं। सरकार का उद्देश्य वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम कर पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना है।

परिवहन विभाग के अनुसार हाइब्रिड वाहन इलेक्ट्रिक और ईंधन दोनों तकनीकों पर आधारित होते हैं, इसलिए इन्हें पूरी तरह ग्रीन कैटेगरी में नहीं रखा जा सकता।

अपर परिवहन आयुक्त ने दी जानकारी

अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने बताया कि पहले राज्य सरकार ने हाइब्रिड वाहनों को वन टाइम टैक्स में छूट देने का फैसला किया था। उसी दौरान ग्रीन सेस नियमावली में भी इन्हें छूट दी गई थी।

हालांकि बाद में सरकार ने हाइब्रिड वाहनों को वन टाइम टैक्स में दी गई छूट वापस ले ली, लेकिन ग्रीन सेस नियमों में यह छूट जारी रही। अब इसी विसंगति को दूर करने के लिए संशोधन प्रस्तावित किया गया है।

हाइब्रिड वाहन को लेकर लोगों में भ्रम

परिवहन विभाग का कहना है कि आम लोगों में यह धारणा है कि सीएनजी और पेट्रोल से चलने वाले वाहन भी हाइब्रिड वाहन हैं, जबकि वास्तविकता में हाइब्रिड वाहन वे होते हैं जो इलेक्ट्रिक मोटर और पेट्रोल/डीजल इंजन दोनों तकनीकों का उपयोग करते हैं।

संशोधन के बाद केवल पूर्ण रूप से सीएनजी आधारित वाहनों और इलेक्ट्रिक वाहनों को ही ग्रीन सेस में छूट मिलेगी।

प्रस्ताव को शासन स्तर पर भेज दिया गया है और वित्त विभाग की सहमति भी मिल चुकी है। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। इससे उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले हाइब्रिड वाहनों पर भी ग्रीन सेस लागू हो जाएगा।

यह भी पढ़ें

👉 दर्दनाक हादसा: 200 मीटर गहरी खाई से गंगा में समाई इनोवा। 3 शव बरामद, 4 लोग अब भी लापता
👉 LUCC चिटफंड घोटाला: ₹800 करोड़ घोटाले में CBI का बड़ा एक्शन। मुंबई से दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार
👉 दर्दनाक हादसा: 150 मीटर गहरी खाई में गिरा पिकअप वाहन। 19 वर्षीय चालक की मौत

Also Read This

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग से पहले DA बढ़ेगा? जानिए कितनी बढ़ेगी सैलरी

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही...

Gold Silver Price Crash: सोना ₹17,000 और चांदी ₹51,000 तक टूटी! जानिए कारण और निवेशकों के लिए जरुरी सलाह 

नई दिल्ली। जून 2026 सोना और चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए भारी उतार-चढ़ाव वाला महीना साबित हुआ है। पिछले कुछ वर्षों...
Parvatjan Team
Parvatjan Team
Parvatjan Team is dedicated to delivering the latest, accurate, and reliable news from Uttarakhand. We cover local issues, administrative updates, public interest stories, and breaking news in a clear and simple manner.

Related Posts