हेल्थकेयर जागरूकता: एसबीएस विश्वविद्यालय ने मनाया विश्व फार्मासिस्ट दिवस

देहरादून। सरदार भगवान सिंह विश्वविद्यालय (SBSU) में विश्व फार्मासिस्ट दिवस बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया गया। इस वर्ष का थीम “स्वास्थ्य के बारे में सोचें, फार्मासिस्ट के बारे में सोचें” रखा गया, जिसमें हेल्थकेयर को बढ़ावा देने और समाज में फार्मासिस्ट की अहम भूमिका पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. ए. के. शर्मा (पूर्व कुलपति एवं निदेशक, एसबीएसयू) के नेतृत्व में हुए ऊर्जावान जुलूस से हुई। सैकड़ों फार्मेसी छात्रों और शिक्षकों ने हेल्थकेयर में फार्मासिस्टों के योगदान को दर्शाने वाले बैनरों के साथ मार्च निकाला। इसके बाद छात्रों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें दवा के पालन, स्वास्थ्य जागरूकता और सामुदायिक हेल्थकेयर में फार्मासिस्ट की भूमिका पर प्रभावशाली संदेश दिए गए।

आधिकारिक कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और स्वागत भाषण से हुआ। स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक प्रो. वीरमा राम ने कहा कि फार्मासिस्ट फ्रंटलाइन हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स हैं और उनकी निष्ठा समाज के लिए प्रेरणादायी है।

कार्यक्रम में गौरव भारती शिक्षा संस्थान के अध्यक्ष श्री एस.पी. सिंह ने फार्मेसी को समाज सेवा से जुड़ा एक महान पेशा बताया। वहीं, एसबीएसयू के अध्यक्ष डॉ. गौरव दीप सिंह ने कहा कि फार्मासिस्ट विज्ञान और देखभाल को जोड़ने का कार्य करते हैं। कुलपति डॉ. जे. कुमार ने फार्मासिस्टों को “हेल्थकेयर की रीढ़” बताया और छात्रों से करुणा व ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर पोस्टर और मौखिक प्रस्तुति प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। छात्रों ने ड्रग डिस्कवरी, फार्माकोविजिलेंस और नई दवा वितरण प्रणालियों पर अपने इनोवेटिव आइडियाज प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में नेहा ने प्रथम पुरस्कार जीता, किशना और मेघा को दूसरा स्थान मिला, जबकि वंदना और आरव को तीसरा स्थान प्रदान किया गया। पीजी श्रेणी में दिव्या पांडे और मेघा गिरी प्रथम, जबकि सौरव नौटियाल और यश भट्ट द्वितीय स्थान पर रहे।

मुख्य अतिथि डॉ. ए. के. शर्मा ने छात्रों को उच्च नैतिक मानकों का पालन करने और रोगाणुरोधी प्रतिरोध (Antimicrobial Resistance) जैसी चुनौतियों से निपटने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का समापन प्रो. (डॉ.) अरुण कुमार महतो के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने एस.पी. सिंह, डॉ. दीपक साहनी (रजिस्ट्रार), प्रो. मनीष अरोड़ा (डीन छात्र कल्याण), सुश्री उर्मी चौरसिया (परीक्षा नियंत्रक) और अन्य वरिष्ठ संकाय सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

यह आयोजन न सिर्फ छात्रों के शैक्षणिक विकास का प्रतीक रहा, बल्कि सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता को भी मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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