क्यूडी दशज्यूला बना नशा मुक्त गांव: शराब पर 21 हजार का जुर्माना, उल्लंघन पर सामाजिक बहिष्कार

अगस्त्यमुनि ब्लॉक के सुदूरवर्ती गांव क्यूडी दशज्यूला में स्थानीय निवासियों ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। पंचायत की सामूहिक सभा में सभी सदस्यों की सहमति से यह तय किया गया कि गांव में किसी भी रूप में मद्यपान, उसकी बिक्री या विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रमों में शराब परोसे जाने पर सख्त रोक रहेगी।   नियम […]

अगस्त्यमुनि ब्लॉक के सुदूरवर्ती गांव क्यूडी दशज्यूला में स्थानीय निवासियों ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। पंचायत की सामूहिक सभा में सभी सदस्यों की सहमति से यह तय किया गया कि गांव में किसी भी रूप में मद्यपान, उसकी बिक्री या विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रमों में शराब परोसे जाने पर सख्त रोक रहेगी।

 

नियम तोड़ने पर दंड और बहिष्कार: सभा में यह भी निर्धारित किया गया कि अगर कोई व्यक्ति इन नियमों की अवहेलना करता पकड़ा गया, तो उस पर 21 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगेगा। इसके अलावा, सामाजिक अलगाव जैसी सख्त सजा भी दी जाएगी। पंचायत के पदाधिकारियों का मानना है कि इस कदम से गांव में सद्भाव, सामंजस्य और परिवारिक एकता को बल मिलेगा।

 

“मद्यपान से अक्सर घरेलू झगड़े और असहमति की स्थिति उत्पन्न होती थी। यह कदम महिलाओं तथा बच्चों की भलाई के लिए उठाया गया है। हमें उम्मीद है कि इससे गांव का वातावरण सकारात्मक बनेगा।” – चंदा देवी, ग्राम प्रधान, क्यूडी दशज्यूला

 

निवासियों ने किया फैसले का समर्थन: गांववासियों ने इस निर्णय का हार्दिक अभिनंदन किया है। वे मानते हैं कि इससे उन युवकों की जिंदगी संवर सकेगी जो नशे की गिरफ्त में फंस चुके थे। अब वे पढ़ाई और नौकरी जैसी दिशाओं पर अपना समय लगाएंगे।

 

“शराब मुक्ति से युवा वर्ग को उचित मार्गदर्शन प्राप्त होगा और वे नशे से बचकर पढ़ाई व रोजगार पर फोकस करेंगे। गांव को नशा-रहित बनाना हम सबका साझा दायित्व है।” – पूनम देवी, निवासी

 

समाजसेवियों का भी साथ: समाजसेवी प्रवीण रावत ने गांववासियों के इस संकल्प का पूरा साथ दिया है। वे कहते हैं कि नशे के सेवन से अक्सर विवाद और मारपीट होती थी, लेकिन शराब की अनुपलब्धता से लोग सही रास्ता चुनेंगे। इससे पारिवारिक हिंसा से लेकर आपसी मतभेदों में कमी आएगी।

 

“हम स्थानीय लोगों के इस संकल्प का पूरी तरह से साथ देते हैं। शराब मुक्ति से घरेलू हिंसा और आपसी विवादों में कमी आएगी।” – प्रवीण रावत, समाजसेवी

 

नशा-रहित गांव के लिए एकजुट होने की गुहार: पंचायत पदाधिकारियों ने सभी गांववासियों से इन नियमों का कड़ाई से अनुपालन करने और क्यूडी दशज्यूला को पूरी तरह नशा-मुक्त बनाने में योगदान देने का आग्रह किया है। वे जोर देते हैं कि इस फैसले की कामयाबी तभी संभव होगी जब हर व्यक्ति का योगदान मिले। गांववासियों के इस कदम की चारों ओर सराहना हो रही है।

 

“यह संकल्प गांव की महिलाओं के लिए बड़ी सुविधा लेकर आया है। इसमें हर किसी को भागीदारी निभानी होगी।” – कमला देवी, अध्यक्ष, महिला मंगल दल

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