देहरादून। उत्तराखंड रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए रेरा ने बड़ा कदम उठाया है।
रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) की 36वीं अहम बैठक में कई सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
रेरा अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार वरिष्ठ सदस्य नरेश सी. मठपाल को सौंपा गया है।
इस संबंध में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की ओर से आदेश जारी किए गए।
कार्यभार संभालते ही नरेश मठपाल ने रेरा की 36वीं बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
अब सार्वजनिक करनी होगी बैंक खातों की जानकारी
रेरा ने निर्देश दिए हैं कि अब हर प्रमोटर और बिल्डर को अपने प्रोजेक्ट से जुड़े बैंक खातों की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।
प्रोजेक्ट के पंजीकरण के बाद बैंक डिटेल्स राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय समाचार पत्रों में प्रकाशित करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा प्रोजेक्ट साइट और ब्रोशर पर भी बैंक खातों की जानकारी प्रदर्शित करनी होगी।
रेरा का मानना है कि इससे फ्लैट और प्लॉट खरीदने वाले लोगों को ठगी से बचाया जा सकेगा।
खरीदारों की सुरक्षा के लिए बनेगा रिजर्व फंड
बैठक में आवंटियों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेष रिजर्व फंड बनाने पर भी सहमति बनी।
इस फंड का इस्तेमाल प्रोजेक्ट में खामियां दूर करने या जरूरत पड़ने पर ग्राहकों को रिफंड देने में किया जाएगा।
रेरा अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार संभालने के बाद नरेश मठपाल ने साफ संकेत दिए कि आने वाले समय में और भी कड़े फैसले लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि रेरा को और मजबूत तथा प्रभावी बनाया जाएगा ताकि आम लोगों का भरोसा कायम रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि रेरा के इस फैसले से रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी।
साथ ही घर खरीदने वाले लोगों को आर्थिक सुरक्षा और भरोसा मिलेगा।




