- एडवांस सर्जरी, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी जैसी सुविधाओं का इंतजार; पशुपालकों को इलाज के लिए करना पड़ रहा है दूसरे स्थानों का रुख
नौगांव /उत्तरकाशी। 27 सितंबर,नीरज उत्तराखंडी
जनपद के इकलौते मॉडल पशु चिकित्सालय का भवन तैयार हुए करीब डेढ़ साल बीत चुका है, लेकिन जिस उद्देश्य से पांच करोड़ रुपये की लागत से यह अस्पताल बनाया गया था, उसका पूरा लाभ अब तक पशुपालकों को नहीं मिल पा रहा है। आधुनिक पशु चिकित्सा सुविधाओं से लैस किए जाने वाले इस अस्पताल में एडवांस सर्जरी सहित एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी लैब जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं अभी पूरी तरह संचालित नहीं हो सकी हैं।
मॉडल पशु चिकित्सालय का भवन निर्माण पूरा होने के बाद पशुपालन विभाग को हैंडओवर किया जा चुका है। अस्पताल बनने से नौगांव के साथ ही मोरी, पुरोला, भटवाड़ी, डुंडा और चिन्यालीसौड़ क्षेत्र के हजारों पशुपालकों को उम्मीद थी कि गंभीर बीमारियों और जटिल मामलों के उपचार के लिए उन्हें दूर के केंद्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। लेकिन सुविधाएं पूरी तरह शुरू नहीं होने के कारण यह उम्मीद अभी पूरी नहीं हो सकी है।
पांच करोड़ की लागत, सुविधाओं का इंतजार
मॉडल अस्पताल का उद्देश्य पशुओं को सामान्य उपचार के साथ-साथ आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना था। छोटे-बड़े पशुओं के ऑपरेशन, गंभीर मामलों की जांच, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी जांच जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होने की परिकल्पना की गई थी। इससे पशुपालकों का समय और उपचार पर होने वाला अतिरिक्त खर्च दोनों बचने की उम्मीद थी।
हालांकि, भवन तैयार होने के बावजूद आवश्यक मशीनरी और उपकरणों की उपलब्धता नहीं होने से अस्पताल की प्रस्तावित उन्नत चिकित्सा व्यवस्था पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब भवन तैयार हुए लंबा समय बीत चुका है तो जरूरी उपकरणों की व्यवस्था अब तक क्यों नहीं हो पाई।
पशुपालकों को दूसरे स्थानों का रुख
प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन के जिला प्रभारी जय प्रकाश थपलियाल का कहना है कि मॉडल पशु चिकित्सालय बनने से क्षेत्र के पशुपालकों में बेहतर उपचार की उम्मीद जगी थी। विशेषकर बड़े और दुधारू पशुओं के गंभीर मामलों में स्थानीय स्तर पर आधुनिक उपचार मिलने से पशुपालकों को बड़ी राहत मिल सकती थी।
उन्होंने कहा कि एडवांस सुविधाएं शुरू नहीं होने के कारण गंभीर मामलों में पशुपालकों को अभी भी अन्य स्थानों का रुख करना पड़ रहा है। इससे समय, परिवहन और उपचार का अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है।
निदेशालय से मशीनें मिलने का इंतजार
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हरि सिंह बिष्ट ने बताया कि एडवांस सर्जरी के लिए आवश्यक मशीनें निदेशालय स्तर से उपलब्ध कराई जानी हैं। उन्होंने कहा कि अगले 15 दिन से एक माह के भीतर मशीनें मिलने की उम्मीद है। मशीनें उपलब्ध होने के बाद मॉडल पशु चिकित्सालय में एडवांस सर्जरी की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
सवाल—भवन तैयार, व्यवस्था कब पूरी होगी?
मॉडल पशु चिकित्सालय को क्षेत्र में पशुपालन को बढ़ावा देने और पशुपालकों को आधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया था। लेकिन डेढ़ साल बाद भी यदि अस्पताल की प्रस्तावित सुविधाएं पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई हैं तो यह निर्माण के बाद संचालन व्यवस्था और उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।
पशुपालकों की निगाह अब इस बात पर है कि निदेशालय से मशीनें कब तक पहुंचती हैं और पांच करोड़ की लागत से तैयार मॉडल अस्पताल वास्तव में कब पूरी क्षमता के साथ पशुओं के उपचार का केंद्र बन पाता है।


