मोरी (उत्तरकाशी), 5 जून 2026। नीरज उत्तराखंडी
उत्तरकाशी जिले के मोरी विकासखंड स्थित कासला गांव में जहरीली घास चरने से 100 से अधिक भेड़-बकरियों के बीमार पड़ने का मामला सामने आया है।
घटना के बाद क्षेत्र में पशुपालकों के बीच चिंता का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पशुपालन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विशेष चिकित्सकीय टीम को मौके पर रवाना किया और प्रभावित पशुओं का उपचार शुरू कराया।
ग्राम प्रधान की सूचना पर हरकत में आया विभाग
जानकारी के अनुसार कासला गांव के ग्राम प्रधान ने बुधवार देर शाम बड़ी संख्या में भेड़-बकरियों के अचानक बीमार होने की सूचना पशुपालन विभाग को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पशु चिकित्सालय मोरी-नैटवाड़ से चिकित्सकीय टीम को तत्काल गांव भेजा गया।
गुरुवार सुबह पशु चिकित्साधिकारी मोरी डॉ. रजनीश स्वामी के निर्देशन में टीम ने गांव पहुंचकर प्रभावित पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
जहरीली घास खाने की आशंका
प्रारंभिक जांच में भेड़-बकरियों के जहरीली घास के सेवन से प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। पशु चिकित्सकों ने प्रभावित पशुओं की जांच कर आवश्यक उपचार शुरू किया और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
दवाओं का वितरण, उपचार जारी
पशुपालन विभाग की टीम ने प्रभावित पशुओं को जरूरी दवाएं उपलब्ध कराईं। इसके साथ ही कृमिनाशक, एंटीबायोटिक और अन्य आवश्यक पशु औषधियों का वितरण भी किया गया।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार अधिकांश पशुओं की हालत नियंत्रण में है और उपचार जारी रखा गया है ताकि किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि न हो।
पशुपालकों को जारी की गई एडवाइजरी
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रजनीश स्वामी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे अपने पशुओं को संदिग्ध या जहरीली घास वाले क्षेत्रों में चराने से बचें।
उन्होंने कहा कि यदि पशुओं में सुस्ती, भूख न लगना, उल्टी, दस्त या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तत्काल पशुपालन विभाग को सूचना दें।
ग्रामीणों ने सराही विभाग की त्वरित कार्रवाई
घटना के बाद ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर चिकित्सकीय सहायता मिलने से बड़ी संख्या में पशुओं की जान बचाई जा सकी है।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि विभाग की निगरानी और उपचार से जल्द ही सभी प्रभावित पशु पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे।
सतर्क रहने की अपील
पशुपालन विभाग ने क्षेत्र के सभी पशुपालकों से मौसम और चरागाह की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी और समय पर उपचार से बड़ी क्षति को रोका जा सकता है।
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