एक्शन: एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के आदेशों पर अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर। कई भवन सील, प्लाटिंग ध्वस्त

देहरादून। राजधानी देहरादून समेत ऋषिकेश और मसूरी में तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माणों और अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शुक्रवार को बड़ा अभियान चलाया। संयुक्त कार्रवाई के तहत कई अवैध व्यावसायिक भवनों को सील किया गया, जबकि बिना स्वीकृति विकसित की जा रही प्लाटिंग और निर्माणों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त […]

देहरादून। राजधानी देहरादून समेत ऋषिकेश और मसूरी में तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माणों और अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शुक्रवार को बड़ा अभियान चलाया।

संयुक्त कार्रवाई के तहत कई अवैध व्यावसायिक भवनों को सील किया गया, जबकि बिना स्वीकृति विकसित की जा रही प्लाटिंग और निर्माणों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया।

एमडीडीए की इस कार्रवाई को हाल के महीनों में अवैध निर्माणों के खिलाफ सबसे बड़े अभियानों में से एक माना जा रहा है। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।

ऋषिकेश में तीन बीघा भूमि पर अवैध प्लाटिंग ध्वस्त

एमडीडीए के संयुक्त सचिव गौरव चटवाल और संबंधित उपजिलाधिकारियों के निर्देश पर प्राधिकरण की टीम ने ऋषिकेश के निर्मल बाग क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। यहां करीब तीन बीघा भूमि पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के प्लाटिंग विकसित की जा रही थी।

अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर विकास कार्यों को तत्काल रुकवाया और अवैध रूप से बनाई जा रही संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया। बताया गया कि भूखंडों की बिक्री और विकास कार्य विकास प्राधिकरण की अनुमति के बिना किए जा रहे थे, जो नियमानुसार अवैध हैं।

मसूरी के दलाई हिल्स और हैप्पी वैली में भी कार्रवाई

पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील मसूरी क्षेत्र में भी एमडीडीए ने सख्त रुख अपनाया। दलाई हिल्स और हैप्पी वैली क्षेत्र में किए जा रहे अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में अनियंत्रित और अवैध निर्माण भू-स्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ाते हैं तथा पर्यावरण और प्राकृतिक संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं।

देहरादून में कई व्यावसायिक भवनों पर सीलिंग

राजधानी देहरादून में भी एमडीडीए की कार्रवाई का असर देखने को मिला। डिस्पेंसरी रोड स्थित एक अवैध व्यावसायिक निर्माण को सील किया गया।

इसके अलावा अंबेडकर नगर-बड़ोवाला शिमला बाईपास क्षेत्र में बने एक अन्य व्यावसायिक भवन पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। वहीं माजरा-सहारनपुर रोड क्षेत्र में स्थित कई व्यावसायिक निर्माणों को भी नियमों के उल्लंघन के चलते सील कर दिया गया।

नोटिस के बावजूद नहीं हुआ अनुपालन, इसलिए हुई कार्रवाई

एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार संबंधित भवन स्वामियों को पहले ही नोटिस जारी कर नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने का अवसर दिया गया था। निर्धारित समयावधि में अनुपालन न होने के कारण प्राधिकरण को सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करनी पड़ी।

अवैध निर्माणों से शहरी व्यवस्था पर पड़ता है असर

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध निर्माण केवल भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन नहीं हैं, बल्कि इससे यातायात व्यवस्था, ड्रेनेज सिस्टम, सार्वजनिक सुविधाओं और शहरी नियोजन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने कहा कि अनधिकृत प्लाटिंग के कारण भविष्य में बुनियादी सुविधाओं और आधारभूत ढांचे पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता है। इसी वजह से प्राधिकरण अब ऐसे मामलों में पहले नोटिस और उसके बाद सीधे सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की नीति पर प्रभावी ढंग से काम कर रहा है।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माणों और बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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