रिपोर्ट – सुशील खत्री
पिथौरागढ़। आशीष कुमार भटगांई ने प्रशासनिक बैठकों और जनसुनवाई की गोपनीयता बनाए रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार, जनसुनवाई कक्ष और विभागीय बैठकों में अनधिकृत वीडियो रिकॉर्डिंग और मोबाइल फोन के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए हैं।
अब अधिकारियों से मिलने आने वाले लोगों को बैठक कक्ष में प्रवेश से पहले अपने मोबाइल फोन बाहर सुरक्षित जमा कराने होंगे। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय प्रशासनिक गरिमा, अनुशासन और गोपनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
बिना अनुमति वीडियो बनाने पर होगी कार्रवाई
डीएम आशीष कुमार भटगांई ने उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र वर्मा को निर्देश देते हुए कहा कि कई बार लोग बिना अनुमति वीडियो रिकॉर्डिंग कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर देते हैं, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं की संवेदनशीलता प्रभावित होती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई, विभागीय बैठकों या प्रशासनिक कार्यवाही की मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनसुनवाई के दौरान हुआ हंगामा
प्रशासन के अनुसार आज आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान कुछ अराजक तत्वों ने अधिकारियों से अभद्र व्यवहार करते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग करने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल हस्तक्षेप कर संबंधित लोगों को रिकॉर्डिंग बंद करने और जनसुनवाई कक्ष से बाहर जाने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि जनसुनवाई एक संवेदनशील प्रक्रिया है, जिसमें फरियादियों की व्यक्तिगत समस्याएं और प्रशासनिक विषय शामिल रहते हैं। ऐसे में गोपनीयता और व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है।
पत्रकारों और सूचना विभाग को छूट
जिला प्रशासन ने अधिकृत पत्रकारों और सूचना विभाग को इस व्यवस्था से छूट दी है। प्रशासन ने साफ किया कि मीडिया को उनके निर्धारित दायित्वों के तहत आवश्यक कवरेज और रिकॉर्डिंग की अनुमति रहेगी।
जिलाधिकारी के इस फैसले का पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों ने भी समर्थन किया है। प्रशासन ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का शांतिपूर्ण और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, जिसके लिए अनुशासन बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।





