रिपोर्ट – सुशील खत्री
पिथौरागढ़। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में प्रशासनिक बैठकों और जनसुनवाई की गोपनीयता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने कलेक्ट्रेट सभागार, जनसुनवाई कक्ष और विभागीय बैठकों में अनधिकृत वीडियो रिकॉर्डिंग एवं मोबाइल फोन के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए हैं।
डीएम के निर्देश के बाद अब अधिकारियों से मिलने आने वाले आम लोगों को बैठक कक्ष में प्रवेश से पहले अपने मोबाइल फोन बाहर सुरक्षित जमा कराने होंगे। प्रशासन का कहना है कि यह कदम प्रशासनिक कार्यों की गंभीरता, अनुशासन और शासकीय गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बिना अनुमति वीडियो बनाने पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने उपजिलाधिकारी सदर जितेन्द्र वर्मा को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कई बार लोग बिना अनुमति वीडियो रिकॉर्डिंग कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर देते हैं, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं की गोपनीयता और संवेदनशीलता प्रभावित होती है।
उन्होंने साफ किया कि किसी भी व्यक्ति द्वारा जनसुनवाई, विभागीय बैठकों या प्रशासनिक कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग या मोबाइल से शूटिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनसुनवाई और बैठकों में बढ़ेगी अनुशासन व्यवस्था
प्रशासन का मानना है कि मोबाइल प्रतिबंध से बैठकों और शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और अनुशासित ढंग से संचालित हो सकेगी। इससे अधिकारियों और फरियादियों के बीच होने वाली बातचीत की गोपनीयता भी बनी रहेगी।
पत्रकारों और सूचना विभाग को मिलेगी छूट
हालांकि जिला प्रशासन ने अधिकृत पत्रकारों और सूचना विभाग को इस व्यवस्था से छूट दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मीडिया को उनके निर्धारित दायित्वों के तहत आवश्यक कवरेज की अनुमति रहेगी।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
डीएम के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे पारदर्शिता पर असर डालने वाला निर्णय मान रहे हैं।




