पुलिसकर्मियों में फैलते डेंगू का मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान। 4 सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

भूपेंद्र कुमार 
 उत्तराखंड में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को डेंगू होने की समस्या को लेकर इस संवाददाता ने मानवाधिकार आयोग में अपील की थी। मानवाधिकार आयोग ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक से 4 सप्ताह में इस पर रिपोर्ट तलब की है।
उत्तराखंड राज्य में डेंगू नामक जानलेवा बीमारी बहुत बड़े स्तर पर अपने पांव पसार चुकी है जिस कारण कई लोग काल का ग्रास बन गए हैं और हजारों लोग बीमार हैं तथा इस जानलेवा बीमारी से पुलिसकर्मी भी अछूते नहीं रहे।
 देश के टॉप टेन थानों में शामिल जिला देहरादून की एक ऋषिकेश कोतवाली में ही लगभग 23 पुलिसकर्मियों को डेंगू  हो गया है। यह तो मात्र एक ऋषिकेश कोतवाली का मामला है, इसी प्रकार पता नहीं अन्य कितने ही थाना कोतवाली चौकियों में कितने ही पुलिसकर्मी डेंगू का शिकार हो रहे होंगे।
   थाना, कोतवाली चौकियों में यह समस्या इसलिए भी ज्यादा गंभीर हो जाती है, क्योंकि इन थाने, कोतवाली चौकियों के परिसर में बहुत बड़ी संख्या में काफी लंबे समय से सीज वाहन खड़े हैं। जिनमें जंग तक लग गया है, गंदगी एव पानी जमा है। जिस कारण डेंगू का लार्वा वहां जन्म ले रहा है, परंतु इस ओर पुलिस के किन्हीं भी उच्चाधिकारियों का ध्यान नहीं है।
   यह सीज गाड़ियां जो काफी लंबे समय से परिसर में खड़ी हैं इनमें लगे जंग, जमा गंदगी और जमा पानी डेंगू लार्वा पनपने का मुख्य कारण हो सकता हैं।

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