विश्व थायरॉयड दिवस: इंदिरेश अस्पताल में बिना निशान वाली सर्जरी से मरीजों को राहत

  • विश्व थायरॉयड दिवस 2026: अब बिना निशान के संभव है थायरॉयड सर्जरी, श्री महंत इन्दिरेश हॉस्पिटल में आधुनिक तकनीक उपलब्ध
  • स्कारलेस थायरॉयडेक्टॉमी से मरीजों को मिल रही राहत, कम दर्द और जल्दी रिकवरी बना बड़ा फायदा

देहरादून। हर वर्ष 25 मई को विश्व थायरॉयड दिवस (World Thyroid Day) मनाया जाता है। बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते आजकल थायरॉयड रोग तेजी से बढ़ रहे हैं, विशेषकर महिलाओं और युवाओं में इसके मामले अधिक देखने को मिल रहे हैं। गले में गांठ, आवाज में बदलाव, निगलने में परेशानी और थायरॉयड कैंसर जैसी समस्याओं के कारण कई मरीजों को सर्जरी की जरूरत पड़ती है।

इसी बीच आधुनिक चिकित्सा तकनीकों ने थायरॉयड सर्जरी को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बना दिया है। श्री महंत इन्दिरेश हॉस्पिटल, देहरादून में अब “स्कारलेस थायरॉयडेक्टॉमी” यानी बिना निशान वाली थायरॉयड सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है।

बिना निशान के हो रही थायरॉयड सर्जरी

श्री महंत इन्दिरेश हॉस्पिटल के कैंसर विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज गर्ग ने बताया कि पहले थायरॉयड ऑपरेशन के बाद गर्दन पर बड़ा निशान रह जाता था, लेकिन अब आधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीक की मदद से बिना गले पर चीरा लगाए थायरॉयड की गांठ निकाली जा सकती है।

उन्होंने बताया कि “स्कारलेस थायरॉयडेक्टॉमी” या “मिनिमली इनवेसिव थायरॉयड सर्जरी” तकनीक में एंडोस्कोपिक विधि का उपयोग किया जाता है, जिससे मरीज की गर्दन पर कोई स्थायी निशान नहीं आता।

कई मरीजों की सफल सर्जरी

हेड-नेक ऑन्को सर्जन डॉ. पल्लवी कौल ने बताया कि श्री महंत इन्दिरेश हॉस्पिटल में यह सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध है और अब तक कई मरीजों की सफल सर्जरी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि चयनित मरीजों में इस तकनीक के बेहद सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार थायरॉयड की गांठ, शुरुआती थायरॉयड कैंसर और कुछ अन्य थायरॉयड रोगों में यह तकनीक एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प बनकर उभर रही है।

कम दर्द और जल्दी रिकवरी बना बड़ा फायदा

डॉक्टरों के मुताबिक इस आधुनिक सर्जरी के कई फायदे हैं, जिनमें—

  • गर्दन पर कोई निशान नहीं
  • कम दर्द और कम रक्तस्राव
  • जल्दी रिकवरी
  • अस्पताल में कम समय तक भर्ती
  • मरीज का जल्दी सामान्य जीवन में लौट पाना

शामिल हैं।

थायरॉयड के लक्षणों को नजरअंदाज न करें

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि गले में गांठ, सूजन, आवाज में बदलाव, निगलने में कठिनाई या लंबे समय तक रहने वाली थायरॉयड समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और विशेषज्ञ परामर्श से अधिकांश थायरॉयड रोगों का सफल इलाज संभव है।

श्री महंत इन्दिरेश हॉस्पिटल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेंद्र दास जी ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को आधुनिक, सुरक्षित और उन्नत सर्जिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि मरीजों को बेहतर और अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।

Parvatjan Team
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