बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल की सुरक्षा पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने स्लैब की ऊंचाई बढ़ाने की उठाई मांग

मोरी (उत्तरकाशी)22 मई 2026 रिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी मोरी विकासखंड के सांकरी-ओसला मोटर मार्ग पर गंगाड़ के समीप घट्टूगाड़ में निर्माणाधीन मोटर पुल की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मानसून सीजन में घट्टूगाड़ का जलस्तर और बहाव अत्यधिक बढ़ जाता है, ऐसे में वर्तमान ऊंचाई पर […]

मोरी (उत्तरकाशी)22 मई 2026
रिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी
मोरी विकासखंड के सांकरी-ओसला मोटर मार्ग पर गंगाड़ के समीप घट्टूगाड़ में निर्माणाधीन मोटर पुल की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि मानसून सीजन में घट्टूगाड़ का जलस्तर और बहाव अत्यधिक बढ़ जाता है, ऐसे में वर्तमान ऊंचाई पर डाला जा रहा पुल का स्लैब भविष्य में खतरे का कारण बन सकता है।

ग्रामीणों के अनुसार पुल की कम ऊंचाई न केवल पुल की सुरक्षा के लिए जोखिमपूर्ण है, बल्कि बरसात के दौरान आवाजाही में भी बाधा उत्पन्न कर सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज बहाव और ऊंचे जलस्तर की स्थिति में पुल को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहेगी, जिससे सरकारी संपत्ति को भी क्षति हो सकती है।

गंगाड़ गांव निवासी प्रधान सैन सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर कार्यदायी संस्था ब्रिडकुल पर कार्रवाई करने और पुल के स्लैब की ऊंचाई बढ़ाने की मांग की है।

उन्होंने बताया कि करीब एक माह पूर्व गंगाड़ गांव में आयोजित बहुद्देशीय शिविर के दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के समक्ष यह मुद्दा उठाया था।

ग्रामीणों का कहना है कि उस समय जिलाधिकारी ने ब्रिडकुल अधिकारियों को पुल की ऊंचाई बढ़ाने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।

अआरोप है कि डीएम के निर्देशों की अनदेखी करते हुए कार्यदायी एजेंसी पुराने डिजाइन के अनुसार ही स्लैब डालने का कार्य कर रही है।

प्रधान सैन सिंह ने कहा कि ग्रामीण केवल पुल की सुरक्षा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह मांग उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मानसून में घट्टूगाड़ का जलप्रवाह काफी ऊंचाई और तेज रफ्तार के साथ बहता है, जिससे कम ऊंचाई वाला पुल खतरे में पड़ सकता है।

इधर ग्राम प्रधान गंगाड़ ने भी जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर कार्यदायी एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पुल निर्माण की तकनीकी समीक्षा कर स्लैब की ऊंचाई बढ़ाने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से समय रहते उचित निर्णय लेने की अपील की है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना या नुकसान से बचा जा सके।

इस संबंध में ब्रिडकुल के सहायक अभियंता अनुराग सिंह चौहान ने बताया कि बीती 14 मई को मुख्य अभियंता एवं पुल विशेषज्ञों के साथ यूआरडीए द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान यह निर्णय लिया गया कि पुल के मूल डिजाइन में किसी प्रकार का बदलाव संभव नहीं है। हालांकि, सड़क मार्ग की चढ़ाई को संतुलित करने के लिए पुल के दोनों ओर सड़क का लेबल पुल के अनुरूप बनाए रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि पुल की एक ओर का कार्य ब्रिडकुल द्वारा तथा दूसरी ओर की सड़क का समायोजन पीएमजीएसवाई के माध्यम से किया जाएगा।

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