देहरादून, 24 मई 2026
रिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी
जनपद में कानून व्यवस्था मजबूत बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अवैध एवं मानकों के विपरीत संचालित होमस्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर अब तक 103 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। साथ ही संबंधित इकाइयों को पर्यटन विभाग की वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन सफाई” के तहत प्रथम चरण में 17, द्वितीय चरण में 79 तथा तृतीय चरण में 7 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
प्रशासन की पांच मजिस्ट्रेट टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 153 निरीक्षण किए, जिनमें बड़ी संख्या में ऐसे होमस्टे पाए गए जो नियमों का उल्लंघन करते हुए होटल की तरह संचालित हो रहे थे। कई स्थानों पर होमस्टे लीज और किराये पर चलाए जा रहे थे, जबकि कुछ इकाइयों में निर्धारित क्षमता से अधिक कमरे संचालित किए जा रहे थे।
निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कई होमस्टे में रसोई व्यवस्था नहीं मिली, अग्निशमन उपकरण अनुपलब्ध पाए गए या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। कई स्थानों पर फूड लाइसेंस के बिना संचालन किया जा रहा था। कुछ होमस्टे बारात घर और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो रहे थे, जबकि कई जगह स्वामी स्वयं निवासरत नहीं पाए गए।
प्रशासन के अनुसार पिछले कुछ महीनों में शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, नशाखोरी, ओवरस्पीड वाहन संचालन और हुड़दंग की घटनाओं में ऐसे होमस्टे की भूमिका सामने आई है। जांच में यह भी पाया गया कि कई होमस्टे में देर रात तक नियम विरुद्ध बार संचालन और तेज डीजे चलाए जा रहे थे, जिससे ये स्थान गैरकानूनी गतिविधियों के अड्डे बनते जा रहे थे। कुछ मामलों में उपद्रवी प्रवृत्ति के लोगों द्वारा नशे की हालत में फायरिंग और सड़क पर हुड़दंग की घटनाएं भी सामने आईं।
प्रशासन ने बताया कि होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना है, ताकि स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि हो सके। लेकिन कई होमस्टे व्यावसायिक होटल की तरह संचालित किए जा रहे थे, जिससे योजना की मूल भावना प्रभावित हो रही थी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर सहसपुर और रायपुर विकासखंड के नगरीय क्षेत्रों में पंजीकृत होमस्टे की जांच के लिए क्षेत्रवार समितियां गठित की गई थीं। समितियों की रिपोर्ट के आधार पर 103 होमस्टे उत्तराखंड गृह आवास (होमस्टे) नियमावली के अनुरूप संचालित नहीं पाए गए, जिसके बाद उनके पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई की गई।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में नियमों के विरुद्ध संचालित होमस्टे और अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।




