बड़ी खबर: ऋषिकेश की ‘सर्वोत्तम एग्रो कोऑपरेटिव सोसाइटी’ पर गिरेगी गाज। ₹75 लाख हड़प कर दफ्तर बंद कर भागने का आरोप; सरकार करेगी बंद

​देहरादून/नई दिल्ली: उत्तराखंड के ऋषिकेश (देहरादून) से संचालित होने वाली ‘सर्वोत्तम एग्रो कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड’ के खिलाफ केंद्र सरकार ने बेहद सख्त कदम उठाया है। जनता के लाखों रुपये डकारने और सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाने के आरोप में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय ने सोसाइटी को स्थाई रूप से बंद करने (Winding Up Process) की प्रक्रिया […]

​देहरादून/नई दिल्ली:
उत्तराखंड के ऋषिकेश (देहरादून) से संचालित होने वाली ‘सर्वोत्तम एग्रो कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड’ के खिलाफ केंद्र सरकार ने बेहद सख्त कदम उठाया है। जनता के लाखों रुपये डकारने और सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाने के आरोप में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय ने सोसाइटी को स्थाई रूप से बंद करने (Winding Up Process) की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
​केंद्रीय सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (CRCS) आनंद कुमार झा द्वारा जारी एक सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, सोसाइटी न तो अपने पंजीकृत पते पर पाई गई है और न ही इसने सरकार को अपने कामकाज का कोई हिसाब-किताब दिया है।

​क्या है पूरा मामला?

​मामले की शुरुआत मार्च 2023 में हुई, जब मीडिया में इस सोसाइटी के खिलाफ जनता के ₹75 लाख रुपये हड़पने और उसे वापस न करने (Non-refund) की शिकायतें प्रमुखता से प्रकाशित हुईं। इसके बाद उत्तराखंड के एडिशनल रजिस्ट्रार और स्टेट लेवल कोऑर्डिनेशन कमेटी (SLCC) की सब-कमेटी ने मामले का संज्ञान लिया।

जब केंद्रीय रजिस्ट्रार कार्यालय ने जुलाई 2024 में सोसाइटी को कारण बताओ नोटिस भेजा, तो उनका दफ्तर पंजीकृत पते से गायब मिला और डाक “पता नहीं मिला” (Addressee not found) की टिप्पणी के साथ वापस आ गई।

​जांच में हुआ बड़ा खुलासा: कागजों पर चल रही थी सोसाइटी

​इसके बाद उत्तराखंड सरकार के सहकारिता रजिस्ट्रार को मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज (MSCS) एक्ट, 2002 की धारा 108 के तहत इस सोसाइटी की फिजिकल जांच के आदेश दिए गए।​नवंबर 2025 में सौंपी गई आधिकारिक निरीक्षण रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया।

रिपोर्ट में साफ कहा गया कि ऋषिकेश के गुमानीवाला स्थित पंजीकृत पते पर यह सोसाइटी अस्तित्व में ही नहीं है और वहां कोई कामकाज नहीं चल रहा है। इसके अलावा, सोसाइटी ने सरकारी पोर्टल पर अपना अनिवार्य वार्षिक रिटर्न (Annual Returns) भी दाखिल नहीं किया था।

​सरकार की अंतिम चेतावनी: 15 दिन का समय

​वित्तीय धोखाधड़ी, लापता कार्यालय और वैधानिक नियमों के उल्लंघन को देखते हुए केंद्रीय रजिस्ट्रार ने सोसाइटी को बंद करने का फैसला लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस नोटिस के आधिकारिक पोर्टल (crcs.gov.in) पर अपलोड होने के 15 दिनों के भीतर यदि कोई आपत्ति प्राप्त नहीं होती है, तो सोसाइटी को बंद करने की अंतिम विधिक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। ​इसके बाद कानूनन इस सोसाइटी का वजूद पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा और पीड़ितों के पैसे की रिकवरी के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

​सोसाइटी की प्रोफाइल:
​नाम: सर्वोत्तम एग्रो कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड
​पंजीकरण संख्या: MSCS/CR/1151/2014
​पता: 142, शारदा सदन, लेन नंबर 28, अमित ग्राम, गुमानीवाला, ऋषिकेश (उत्तराखंड)।

Also Read This

ब्रेकिंग: बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में निजी सचिव पर एफआईआर

चमोली। विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में बड़ा प्रशासनिक और कानूनी एक्शन लिया गया है।बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर...

मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में उत्तराखंड के दो वीर जवान शहीद

देहरादून/मणिपुर। मणिपुर के उखरुल जिले में उग्रवादियों द्वारा किए गए घातक हमले में असम राइफल्स के दो वीर जवान शहीद हो गए। शहीदों में...
Parvatjan Team
Parvatjan Team
Parvatjan Team is dedicated to delivering the latest, accurate, and reliable news from Uttarakhand. We cover local issues, administrative updates, public interest stories, and breaking news in a clear and simple manner.

Related Posts