बड़ी खबर: कृषि विभाग मे “250 ड्रोन खरीद” में डेढ़ करोड़ रिश्वत की चर्चा। जूनियर लिपिक सस्पेंड, अधिकारियों ने झाड़ा पल्ला

देहरादून: उत्तराखंड कृषि विभाग में 250 ड्रोन खरीद को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक निजी कंपनी ने विभाग के साथ 250 ड्रोन की आपूर्ति का अनुबंध होने का दावा किया है, जबकि विभाग का कहना है कि न कभी ऐसा कोई अनुबंध हुआ और न ही ड्रोन खरीद की कोई […]

देहरादून: उत्तराखंड कृषि विभाग में 250 ड्रोन खरीद को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक निजी कंपनी ने विभाग के साथ 250 ड्रोन की आपूर्ति का अनुबंध होने का दावा किया है, जबकि विभाग का कहना है कि न कभी ऐसा कोई अनुबंध हुआ और न ही ड्रोन खरीद की कोई प्रक्रिया शुरू की गई। मामले की प्रारंभिक जांच के बाद एक जूनियर क्लर्क को निलंबित कर दिया गया है, जबकि शासन से विस्तृत जांच कराने का अनुरोध किया गया है।
विभाग में अंदर खाने की चर्चा यह भी है कि इस ड्रोन खरीद को लेकर डेढ करोड़ रुपए की रिश्वत ली गई है। अगर यह.सच है तो जांच का विषय यह भी है की अब यह रिश्वत किसने ली और कहां तक पहुंची।

कंपनी ने किया 250 ड्रोन सप्लाई का दावा

जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष सितंबर-अक्टूबर में नोएडा स्थित गरुड़ा यूएवी सॉफ्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने कृषि विभाग से संपर्क किया। कंपनी ने दावा किया कि वर्ष की शुरुआत में विभाग के साथ 250 ड्रोन की आपूर्ति के लिए अनुबंध किया गया था।

कंपनी के इस दावे से विभाग में हड़कंप मच गया, क्योंकि विभाग के रिकॉर्ड में ऐसी किसी खरीद या अनुबंध का कोई उल्लेख नहीं मिला।

न फाइल मिली, न भुगतान का रिकॉर्ड

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कृषि विभाग ने ड्रोन खरीद का कोई प्रस्ताव ही तैयार नहीं किया था। विभाग को इस संबंध में कोई फाइल, पत्रावली या आधिकारिक अनुबंध भी नहीं मिला।

इतना ही नहीं, ड्रोन खरीद के लिए किसी प्रकार का भुगतान भी जारी नहीं किया गया था।

सेवानिवृत्त निदेशक के कार्यकाल का बताया गया मामला

कंपनी ने दावा किया कि यह अनुबंध तत्कालीन कृषि निदेशक केसी पाठक के कार्यकाल में में हुआ था।

हालांकि, केसी पाठक पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके कार्यकाल में न तो कंपनी ने उनसे संपर्क किया और न ही किसी प्रकार का ड्रोन खरीद अनुबंध किया गया।

कृषि मंत्री को सौंपा गया शिकायत पत्र

बीती 21 मई को कंपनी के प्रतिनिधियों ने कृषि मंत्री गणेश जोशी को एक शिकायत पत्र सौंपा।

पत्र में दावा किया गया कि अनुबंध तत्कालीन निदेशक के कक्ष में हुआ था और इसकी जानकारी विभाग के कर्मचारी सुमित को भी थी। कंपनी ने संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा

कृषि मंत्री के निर्देश पर कृषि निदेशक दिनेश कुमार ने संयुक्त निदेशक अभय सक्सेना से मामले की प्रारंभिक जांच कराई।

जांच में स्पष्ट हुआ कि विभाग की ओर से न तो ड्रोन खरीद का कोई प्रस्ताव तैयार किया गया था और न ही किसी कंपनी के साथ कोई वैध अनुबंध किया गया।

जूनियर क्लर्क निलंबित

प्रारंभिक जांच के बाद विभाग ने जूनियर लिपिक सुमित सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

इसके साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के लिए शासन को पत्र भेजा जा रहा है, ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ सके।

विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर यदि कोई अनुबंध नहीं हुआ, तो कंपनी ने इतने बड़े दावे किस आधार पर किए? वहीं विभागीय रिकॉर्ड में किसी प्रकार का दस्तावेज या फाइल न मिलना भी कई सवाल खड़े कर रहा है।
राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि पड़ोसी राज्य कृषि में कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं जबकि उत्तराखंड का कृषि विभाग घोटालों से बाहर ही नहीं निकल पा रहा है।
उन्होने सरकार से मांग की है कि कृषि विभाग में तमाम खरीद फरोख्त की विजिलेंस जांच की जाए और इस घोटाले में यदि कोई सफेदपोश शामिल है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

बहरहाल अब शासन स्तर पर होने वाली विस्तृत जांच के बाद ही इस रहस्यमयी मामले से पूरी तरह पर्दा उठने की उम्मीद है।

Also Read This

अवैध निर्माण पर एमडीडीए वीसी बंशीधर तिवारी का बरपा गुस्सा : तीन अवैध निर्माणों पर सीलिंग

देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और तेज करते हुए शहर के तीन अलग-अलग स्थानों...

Uttarakhand Weather Update: 2 जुलाई तक पहाड़ों में होगी मूसलाधार बारिश। मैदानी जिलों में करना होगा इंतजार

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। Uttarakhand Weather Update के तहत मौसम विज्ञान केंद्र ने 29 जून से 2...
Parvatjan Team
Parvatjan Team
Parvatjan Team is dedicated to delivering the latest, accurate, and reliable news from Uttarakhand. We cover local issues, administrative updates, public interest stories, and breaking news in a clear and simple manner.

Related Posts