देहरादून, 30 अप्रैल 2026,रिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी
महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत मिशन वात्सल्य योजना की जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (डीसीडब्ल्यूपीसी) की समीक्षा बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में बाल संरक्षण, महिला कल्याण और किशोर न्याय से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और विभागीय समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने संस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग और निर्धारित मानकों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान नारी निकेतन में निवासरत मानसिक दिव्यांग बच्चों, महिलाओं और किशोरियों के उपचार के लिए स्टाफ की कमी का मुद्दा सामने आया।
इस पर जिलाधिकारी ने जिला योजना से केयरटेकर रखने हेतु बजट की मौके पर स्वीकृति प्रदान की तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पीएम केयर्स योजना के बच्चों से संवाद
जिलाधिकारी ने PM CARES Fund की चिल्ड्रन योजना के लाभार्थी बच्चों से संवाद कर उनका हालचाल जाना। बच्चों के साथ आए अभिभावकों से भी बातचीत कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लाभार्थियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
दिवंगत संविदा कर्मी की पुत्री को आर्थिक सहायता
मानवीय पहल के तहत राजकीय शिशु सदन केदारपुरम में कार्यरत दिवंगत संविदा कार्मिक स्वर्गीय सुनीता सिंह की पुत्री को शिक्षा और आर्थिक सहयोग के लिए 25 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों की सहायता प्रशासन की प्राथमिकता है।
जिले में 19 बालगृह संचालित
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि जनपद में महिला कल्याण विभाग और किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अंतर्गत कुल 19 राजकीय एवं स्वैच्छिक बालगृह संचालित हैं, जिनमें 275 बच्चे निवासरत हैं।
इसके अलावा राजकीय दिव्यांग बालिका गृह जौलीग्रांट और राजकीय खुला आश्रय गृह साधुराम इंटर कॉलेज का पंजीकरण कराया गया है।
चाइल्ड हेल्पलाइन और बाल कल्याण समिति की समीक्षा
जिलाधिकारी ने Childline India Foundation की हेल्पलाइन 1098 और बाल कल्याण समिति के कार्यों की समीक्षा की। जानकारी दी गई कि अक्टूबर 2023 से अब तक जिले में 2041 प्रकरण दर्ज हुए हैं, जबकि पिछले त्रैमास में 208 मामले सामने आए। वहीं बाल कल्याण समिति के समक्ष पिछले त्रैमास में 221 प्रकरण प्रस्तुत हुए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बाल संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।




