बड़ी खबर:यहाँ सरकारी दवाइयों का जला जखीरा मिलने से हड़कंप। स्वास्थ्य विभाग पर उठे गंभीर सवाल

चमोली/रिपोर्ट- गिरीश चंदोला 

उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास कथित रूप से जली हुई सरकारी दवाइयों का बड़ा जखीरा मिलने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) थराली के समीप बड़ी मात्रा में जली हुई दवाइयां पाई गई हैं। दवाइयों के अवशेष मिलने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ये दवाइयां सरकारी स्टॉक का हिस्सा थीं, तो इनके निस्तारण की प्रक्रिया और नियमों का पालन किया गया या नहीं, इसकी जांच होना जरूरी है।

किसके आदेश पर जलाई गईं दवाइयां?

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इन दवाइयों को किसके निर्देश पर और किन परिस्थितियों में नष्ट किया गया। यह भी जांच का विषय है कि दवाइयों की एक्सपायरी अवधि समाप्त हो चुकी थी या फिर उपयोग योग्य दवाओं को ही जला दिया गया।

यदि बिना निर्धारित प्रक्रिया के सरकारी दवाइयों का निस्तारण किया गया है, तो यह स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

मुफ्त दवा देने के दावों पर उठे सवाल

प्रदेश सरकार लगातार सरकारी अस्पतालों में मरीजों और प्रसूताओं को निशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराने का दावा करती रही है। ऐसे में बड़ी मात्रा में जली हुई दवाइयां मिलने से दवा प्रबंधन, भंडारण और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर अस्पतालों में कई बार दवाइयों की कमी की शिकायतें सामने आती हैं, वहीं दूसरी ओर दवाइयों के इस तरह नष्ट होने की खबर चिंताजनक है।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा अनियमितता सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

पहले भी विवादों में रहा है सीएचसी थराली

गौरतलब है कि इससे पहले भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली विवादों में रह चुका है। अस्पताल में गैर-चिकित्सकीय कर्मचारियों द्वारा आपातकालीन मरीजों को देखने के आरोप लग चुके हैं। ऐसे में जली हुई सरकारी दवाइयों का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और जवाबदेही को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं।

सम्बंधित खबरें:

बड़ी खबर: बेलगाम ओवरलोड डंपर दे रहे मौत को दावत! कुम्भकर्ण की नींद सोया प्रशासन 

बड़ी खबर: 29 जून को देहरादून में रोजगार मेला, 6 निजी कंपनियां के 85 पदों पर भर्ती का अवसर

दर्दनाक हादसा(वीडियो): 200 मीटर गहरी खाई में गिरी कार। 24 वर्षीय युवक की मौत, एक गंभीर घायल

बिग ब्रेकिंग(वीडियो): तहसीलदार के पेशकार का काम देख रहा PRD जवान 4500 रुपये की घूस लेते गिरफ्तार

Parvatjan Team
Parvatjan Team
Parvatjan Team is dedicated to delivering the latest, accurate, and reliable news from Uttarakhand. We cover local issues, administrative updates, public interest stories, and breaking news in a clear and simple manner.

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts